अहिल्याबाई ने हमेशा मानव कल्याण के लिए काम किए: डॉ. प्रतिभा चतुर्वेदी

May 31 2024

ग्वालियर। न्याय की देवी माता अहिल्याबाई होल्कर मानव सेवा, समर्पण, भाईचारा, धर्म परायणता और न्याय प्रियता की प्रतिमूर्ति थीं। उनका जीवन चरित्र सभी के लिये प्रेरणादायी और अनुकरणीय है। वे ऐसी मातृशक्ति थीं जिनका सम्मान देश ही नहीं दुनियाभर में होता है। यह बात विप्रा ब्राह्मण महिला मंच की अध्यक्ष डॉ. प्रतिभा चतुर्वेदी ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर आयोजित विचार गोष्ठी में कही। वह झांसी रोड थाना स्थित टेकरी हनुमान मंदिर में मुख्य वक्ता की आसंदी से संबोधित कर रहीं थीं।
विचार गोष्ठी से पहले देवी अहिल्या बाई होल्कर के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। वहीं विप्रा संगनियों ने भजनों के माध्यम से श्रद्धासुमन अर्पित किए। डॉ. प्रतिभा चतुर्वेदी ने कहा कि अपने राज्यकाल में देवी अहिल्याबाई ने न्याय प्रियता की मिसाल कायम की। उन्होंने न्याय के लिये अपने पुत्र का जीवन भी दांव पर लगा दिया था। धर्मपरायण देवी अहिल्याबाई ने काशी विश्वनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना के साथ-साथ कई देवालय व धर्मशालाओं का निर्माण कराया। साथ ही मानव कल्याण की दिशा में तमाम ऐसे काम किए जिनकी वजह से वे लोकमाता के रूप में लोकप्रिय हुईं। उन्होंने यह भी कहा कि पाल बघेल समाज एक सेवाभावी व मेहनतकश समाज है। इसी समाज में जन्मी माता अहिल्याबाई ने केवल अपने समाज ही नहीं अपितु सभी समाजों के कल्याण का काम किया। उनके द्वारा किए गए मानव कल्याण के काम सदैव प्रेरणा देते रहेंगे। 
इस अवसर पर ज्योति शर्मा, नीतू उपमन्यु, निर्मला शर्मा, रश्मि त्रिपाठी, डॉ. नीतू भारद्वाज, सुधा दीक्षित, डॉ. राजरानी शर्मा, लक्ष्मी शर्मा, मीना तिवारी, सीमा दुबे, कृष्णा शर्मा, निशा शर्मा, किरण मिश्रा, अर्चना शर्मा, कल्पना पाठक, नीलम शर्मा, दीप्ती शर्मा, निधि मिश्रा, सुमन तिवारी, ऊषा शुक्ला, वर्षा सप्रे, रश्मि पवार, पूनम द्विवेदी, कल्पना ऋषिश्वर, सपना पाराशर, मंजू शर्मा, प्रताप उपमन्यु, मोनू पाराशर, मोहन, राजकुमार त्यागी, संतोष उपमन्यु आदि उपस्थित रहे।