लोकायुक्त पुलिस ने सफाई दरोगा 2 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा

May 28 2024

ग्वालियर। नगर निगम का सफाई दरोगा (डब्ल्यूएचओ) को लोकायुक्त ने दो हजार रुपए की रिश्वत लेते मंगलवार सुबह रंगे हाथ पकड़ा है। सफाई दरोगा एक महिला सफाई कर्मचारी को छुट्टी देने के बदले दो हजार रुपए की मांग कर रहा था। महिला परेशान होकर लोकायुक्त के पास पहुंची और शिकायत की। 
मंगलवार की सुबह महिला ने सफाई दरोगा को रुपए देने के लिए बुलाया। जैसे ही जीडीए ऑफिस के पास दरोगा पहुंचा और रिश्वत के रुपए लेकर जेब में रखे तो पास ही खड़ी लोकायुक्त की टीम ने उसकी कलाई थाम ली। केमिकल लगे दो हजार रुपए उससे जब्त कर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही नगर निगम को उसे सस्पेंड करने पत्र लिख दिया है।
ग्वालियर नगर निगम में महिला सफाई कर्मचारी काजल वाल्मीकि ने लोकायुक्त कार्यालय में पहुंचकर शिकायत की थी कि वार्ड नंबर-32 जॉन-6 का सफाई दरोगा अनूप पारछे उसे छुट्टी देने के नाम पर 2 हजार रुपए की रिश्वत की मांग कर रहा है। इतना ही नहीं वो कहता है कि हर महीने मुझे दो हजार रुपए देने होंगे नहीं तो छुट्टी नहीं मिलेगी। जिस पर लोकायुक्त पुलिस ने सफाई दरोगा को ट्रैप करने के लिए प्लानिंग कर टीम बनाई। सबसे पहले महिला कर्मचारी को ऑडियो डिवाइस देकर सफाई दरोगा से डील कर बातचीत को रिकॉर्ड करने के लिए कहा गया। बातचीत का ऑडियो टेप आ गया तो उसके बाद सफाई दरोगा की घेराबंदी की गई।
सफाई दरोगा ने महिला कर्मचारी को मंगलवार सुबह 5.30 बजे दो हजार रुपए लेकर फूलबाग जीडीए ऑफिस के पास बुलाया था। जहां सफाई कर्मचारी महिला काजल के द्वारा सफाई दरोगा को 2 हजार रुपए रिश्वत दी गई। तभी जाल बिछाकर बैठी लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़ लिया। लोकायुक्त 2 हजार रुपए उसके जेब से बरामद कर लिए। जब उसके हाथों को धुलवाया गया तो वह गुलाबी हो गए। पकड़े जाने के बाद सफाई दरोगा अनूप पारछे सिर झुकाकर बैठा रहा। लोकायुक्त ने उस पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही नगर निगम को उसे सस्पेंड करने पत्र लिखा गया है।
रिश्वत लेने में बदनाम हैं सफाई दरोगा
यह पहला केस नहीं है कि जब सफाई दरोगा, अपने अधीन काम करने वाले सफाई कर्मचारियों की छुट्टी के बदले रुपए मांग रहा हो। किसी भी जोन में चले जाएं तो यही आलम है। कई जगह तो कर्मचारी साइन करने आते हैं और सफाई दरोगा उनकी हाजिरी लगाकर उनको जाने देता है। इसके बदले वह हर महीने उनकी सैलरी से एक निश्चित रकम लेता है। महिला सफाई कर्मी काजल का कहना है कि अनूप पारछे अन्य महिला सफाई कर्मियों से भी इसी तरह का बर्ताव करता है। वह महीने में चार छुट्टिया के एवज में दो हजार रुपए की मांग करता है। इस कारण कई महिला सफाई कर्मी परेशान हैं। मुझसे भी दो हजार रुपए मांगे थे, लेकिन मैंने उसे रिश्वत न देने से अच्छा लोकायुक्त में जाकर उसे पकड़वाना ठीक समझा।
इस मामले में डीएसपी लोकायुक्त राघवेंद्र ऋषिश्वर ने बताया कि एक सफाई दरोगा को लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। सफाई दरोगा अपने ही महिला सफाई कर्मचारी से उसे छुट्टी देने के एवज में 2 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था।