आगरा के कलेक्शन एजेंट ने होटल में की आत्महत्या, सुसाइड नोट में दो व्यापारियों पर आरोप

May 27 2024

ग्वालियर। आगरा की एक प्राइवेट कंपनी में कलेक्शन एजेंट अमर अग्रवाल पुत्र लक्ष्मण अग्रवाल 24 ने ग्वालियर के मस्कट होटल में फांसी लगाकर जान दे दी है। घटना गत रात की है। घटना का पता सोमवार सुबह उस समय पता लगा है जब रूम नंबर 104 रात से ही बंद होने पर संदेह हुआ। तत्काल मामले की सूचना पुलिस को दी गई। विश्वविद्यालय थाना पुलिस होटल पहुंची। फोरेंसिक एक्सपर्ट सीनियर साइंटिस्ट अखिलेश भार्गव के सामने पुलिस ने दरवाजा तोड़ा। अंदर अमर फांसी पर लटका हुआ मिला। घटना स्थल पर एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें अमर ने अपनी आत्महत्या के लिए दीपो भाई नमक मंडी वाले, सोनो भाई एसजी ट्रेडर्स को जिम्मेदार बताया है। सोमवार दोपहर तीन बजे आगरा से परिजन ग्वालियर आए। पुलिस ने शव को डेड हाउस पहुंचाया है।
विश्वविद्यालय थानाक्षेत्र स्थित होटल मस्कट के रूम नंबर 104 में गत रोज यूपी आगरा स्थित पीपल मंडी निरालाबाद निवासी 24 वर्षीय अमर अग्रवाल ने रूम बुक किया था। गत रोज चेकइन करने के बाद वह रूम में गए फिर बाहर ही नहीं निकले। जब सोमवार सुबह तक वह बाहर नहीं आए और चेक आउट का समय हो गया तो होटल स्टाफ ने गेट पर नॉक किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस पर होटल प्रबंधन को सूचना दी गई और विश्वविद्यालय थाना को सूचित किया गया। 
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। साथ ही फोरेंसिक एक्सपर्ट अखिलेश भार्गव भी होटल मस्कट पहुंच गए। यहां पुलिस की मौजूदगी में गेट का लॉक तोड़ा गया तो अंदर अमर अग्रवाल फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। तत्काल पुलिस ने स्पॉट को निगरानी में लिया। आसपास छानबीन की गई तो वहां एक डेढ़ पेज का सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें उसका पूरा नाम, पता व मोबाइल नंबर लिखा हुआ है। पुलिस ने परिजन को सूचना दे दी है।
रूम से मिले सुसाइड नोट में मृतक लिखता है कि मेरा नाम अमर अग्रवाल है। मैं अपने होश आभाष में आत्महत्या कर रहा हूं। मेरे आत्महत्या करने का कारण दीपो भाई नमक मंडी और सोनो भाई एसजी ट्रेडर्स हैं। मैंने इन दोनों से समय मांगा था पेमेंट के लिए पर इन दोनों ने मना कर दिया। दीपो भाई ने 43 का बोलकर 35 का माल दिया इसलिए मेरा पेमेंट फंस गया। इसलिए मुझे आत्महत्या करना पड़ा। आई एम रियली सॉरी पापा, मैं आपका अच्छा बेटा नहीं बन पाया। प्लीज मुझे ताफ कर देना। आई लव यू मम्मी। मेरे जाने के बाद आप लोग कभी लड़ाई मत करना। मेरे प्यारे भाई निखिल अपने बेटे को क्रिकेटर बनाना और टोनो को स्विमिंग पूल ले जाना ठीक है। उसने मुझसे बोला था मैं ले जा नहीं पाया। मेरी प्यारी बहन अपनी कॉलेज पूरी करना और फिर डिजिटल मार्केटिंग करना। यह तेरा भाई बोल रहा है। पापा मैं मरना नहीं चाहता था, पर मेरे पास प्रॉब्लम है। सभी लोगों को लव यू। पुलिस से विनती है मेरे परिवार को परेशान मत करना और दीपो भाई और सोनो भाई को छोडऩा मत मेरी आत्महत्या का कारण यही हैं। यह मेरे आखिरी शब्द है आपका बेटा अमर।
ऐसा पता लगा है कि मृतक अमर आगरा के दाल बाजार की किसी कंपनी के लिए कलेक्शन का काम करता था। दीपो भाई नमक मंडी के व्यापारी हैं और सोने भाई भी एक प्राइवेट फर्म के मालिक हैं। इन दोनों ने कुछ ऐसा किया था जिस कारण अमर का पेमेंट फंस गया था। उस पर कलेक्शन का दवाब था और पेमेंट की यह लोग डेट नहीं दे रहे थे। बल्कि उसे अपने जाल में फंसा लिया था। जिससे आहत होकर उसने यह कदम उठा लिया है।
पुलिस ने बताया कि मृतक अमर अग्रवाल के परिजन सोमवार दोपहर ग्वालियर पहुंच गए हैं। उसका पिता व भाई आए हैं। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन की निगरानी में पुलिस ने होटल के रूम से शव को फंदे से उतारा है और उसके बाद पोस्टमार्टम के लिए पहुंचाया है। परिवार को विश्वास ही नहीं हो रहा है कि उनका बेटा यह कदम उठा सकता है। उसका सुसाइड नोट पढक़र परिजन के भी आंसु निकल आए।
एएसपी निरंजन शर्मा का कहना है कि होटल मस्कट के रूम नंबर 104 में आगरा के एक युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी है। घटना का पता सोमवार को चला है। एक सुसाइड नोट भी मिला है। परिजन की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।