अंतर्राष्ट्रीय पटल पर ग्वालियर का नाम रोशन कर रहे दिव्यांग खिलाडिय़ों का किया सम्मान

May 26 2024

ग्वालियर। अंतर्राष्ट्रीय पटल पर ग्वालियर-चंबल संभाग का नाम रोशन करने वाले दिव्यांग खिलाडिय़ों को रविवार को सम्मानित किया गया। आर्थिक रूप से कमजोर एवं झुग्गी-झौंपडिय़ों में निवासरत परिवारों के बच्चों के सेवार्थ सिंधिया नगर स्थित विवेकानंद नीडम शाखा परिसर में आयोजित कार्यक्रम में इन खिलाडिय़ों को सम्मानित किया गया। 
सम्मानित होने वाले खिलाडिय़ों में हाल ही में टोकियो जापान में गोल्ड मैडल हासिल करने वाले अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग खिलाड़ी संजीव कोटिया सहित अन्य दिव्यांग खिलाड़ी शामिल हैं। जिला प्रशासन की ओर से इस कार्यक्रम में खिलाडिय़ों को सम्मानित करने के लिये जिला बाल संरक्षण अधिकारी एवं कार्यक्रम अधिकारी महिला-बाल विकास धीरेन्द्र सिंह जादौन पहुँचे थे। उन्होंने इस अवसर पर सभी से बाल भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान में सहयोग करने का आह्वान भी किया। 
कार्यक्रम में जानकारी दी गई की टोकियो जापान में आयोजित हुई पैरा केनोइंग एशियाई चैम्पियनशिप व केनो स्प्रिंट एशियाई चैम्पियनशिप प्रतियोगिता में भारतीय खिलाडिय़ों ने 10 गोल्ड, 7 सिल्वर व 3 ब्राँज मैडल हासिल किए। गोल्ड मैडल विजेताओं में ग्वालियर के दिव्यांग खिलाड़ी संजीव कोटिया भी शामिल हैं। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय पैरा खिलाड़ी एवं रोमानिया में आयोजित प्रतियोगिता में सिल्वर मैडल हासिल करने वाले अरविंद रजक, राष्ट्रीय रग्बी व्हीलचेयर खिलाड़ी अजीत प्रजापति व टेबल टेनिस के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी राजेश शर्मा सहित अन्य दिव्यांग खिलाड़ी भी इस अवसर पर सम्मानित किए गए। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने सभी दिव्यांग खिलाडिय़ों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। 
इस अवसर पर सेवा जनकल्याण समिति के अध्यक्ष ओपी दीक्षित व  मोहनलाल दीक्षित सहित पाठशाला के शिक्षक व सवा सौ से अधिक विद्यार्थी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन पाठशाला के सचिव एवं पूर्व सूबेदार मेजर मनोज पाण्डे ने किया। कार्यक्रम में श्रीमती शालिनी जादौन एवं संजय जैन सहित अन्य समाजसेवी भी उपस्थित थे। 
भिक्षावृत्ति में संलग्न बच्चों की सूचना फोन पर अवश्य दें  
जिला बाल संरक्षण अधिकारी धीरेन्द्र सिंह जादौन ने कार्यक्रम में मौजूद झुग्गी-झौंपडिय़ों के बच्चों से कहा कि वे अपनी शिक्षा न छोड़ें। कोई विषम परिस्थिति आए तो इसकी सूचना जिला प्रशासन को अवश्य दें। हम सब आपकी पूरी मदद करेंगे। उन्होंने सभी शिक्षकों व कार्यक्रम में मौजूद लोगों से कहा कि कहीं पर यदि कोई बच्चा भीख माँगता दिखे तो उसकी सूचना फोन पर अवश्य दें। जिला प्रशासन द्वारा ऐसे बच्चों के पुनर्वास के लिये हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।