सत्य से बड़ा कोई धर्म नहीं है और असत्य से बड़ा कोई पाप नहीं है-घनश्याम शास्त्री

May 23 2024

ग्वालियर। शिंदे की छावनी स्थित पारदी मोहल्ला बालाजी दरबार में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा में आचार्य घनश्याम शास्त्री महाराज ने बताया कि वैशाख मास को सभी मासों में उत्तम बताया माना जाता है। वैशाख मास में जो व्यक्ति सूर्योदय से पहले स्नान करता है तथा व्रत रखता है, तो उस मानव पर भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है। वैशाख मास में गीता का पाठ करने से मानव को अशव्मेघ यज्ञ का फल मिलता है।
जिन लोगो के सत्कर्म जागृत होते है वही कथा का श्रवण कर पाते है। जब भी मानव भक्ति और अच्छे कार्य को करने के लिए जीवन में आगे बढ़ता है तो समाज उसे रोकने की कोशिश करता है। लेकिन मानव को समाज की प्रवाह किए बिना सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए। जो भी मानव भक्ति के मार्ग पर चलता है उनका कल्याण हो जाता है
इस संसार में असत्य से बड़ा पाप और सत्य से बड़ा कोई पुण्य नहीं है। सत्य से बड़ा कोई धर्म नहीं है और असत्य से बड़ा कोई पाप नहीं है। इसलिए मनुष्य को अपने जीवन में सत्य को धारण करना चाहिए। सत्य को जीवन में धारण करने के लिए हमें संतों का सानिध्य करना पड़ेगा। संता का सानिध्य करने से हमें सत्संग की प्राप्ति होती है और सत्संग से हमें ज्ञान की प्राप्ति होती है।
सबसे बड़ी घर में लड़ाई की वजह लालच है। बेईमानी से कमाया गया धन कभी भी सुख शांति प्रदान नहीं करता। हमारे अपने और दूसरों के लिए असत्य होना एक बेईमानी के समान है बेईमानी के रास्ते पर चलकर हमें कभी भी फायदा नहीं हो सकता।