श्रीराम कथा सुनने मात्र से ही मुक्ति मिल जाती है- घनश्याम शास्त्री

May 22 2024

ग्वालियर। शिंदे की छावनी स्थित पारदी मोहल्ला बालाजी दरबार में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के आठवे दिन मानस मर्मज्ञ आचार्य घनश्याम शास्त्री महाराज ने बताया कि मनुष्य को कथा का श्रवण शांति से करना चाहिए। कथा सुनने से सुख-शांति और सदगति प्राप्त होती है। 
राम कथा के श्रवण से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती हैं धर्म की रक्षा मनुष्य का परम कर्तव्य हैं। मनुष्य का जीवन मिला है तो हमें अपने धर्म की रक्षा और उसका पालन करना चाहिए। मनुष्य को अपने धर्म को नहीं भूलना चाहिए। परिवार के साथ मिलकर पूजा-अर्चना करनी चाहिए।मनुष्य को गाय का पालन करना चाहिए। गाय का वास रहने से घर में खुशहाली रहती है तथा लक्ष्मी का भी भंडार भरा रहता है। गौमाता के शरीर में 33 करोड़ देवताओं का वास रहता है गौ माता का दान महादान माना जाता है। मनुष्य को कुत्ते का पालन नहीं करना चाहिए। इससे घर में खुशहाली नहीं आती है।
जो भगवान श्रीराम की कथा सुनता है उनके सारे बिगड़े काम बन जाते है। हर रस में राम जी की भक्ति जीवन को सफल बनाती है। सभी रसों का समन्वय है, श्रीराम जी की कथा। हर माता पिता को अपने बच्चों से पूजा पाठ करवाना चाहिए।
श्रीराम कथा सुनने मात्र से ही मुक्ति मिल जाती है। मनुष्य के कथा के श्रवण करने मात्र से जीवन के सारे विकार दूर हो जाते हैं और वह भव बंधन से मुक्ति पाकर मोक्ष प्राप्त कर लेता है।