दुर्गा माता मंदिर मुरार में कलश यात्रा के साथ भागवत कथा हुई प्रारंभ

May 21 2024

ग्वालियर। मुरार के दुर्गा माता मंदिर गली नंबर 1 आर्य नगर में श्रीमद् भागवत कथा प्रारंभ हुई। कथा से पूर्व दुर्गा माता मंदिर आर्य नगर से कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा से पूर्व भागवताचार्य पंडित रवि तिवारी ने कलशों की पूजा अर्चना कराई। कलश यात्रा में 101 जिसमें माता बहने पीली साड़ी पहनकर सम्मिलित हुई। कलश यात्रा में वृंदावन से पधारे भागवताचार्य पंडित रवि तिवारी महाराज बग्गी मैं विराजमान होकल चल रहे थे। कलश यात्रा उपनगर मुरार के प्रमुख बाजारों से होती हुई दुर्गा माता मंदिर पर यात्रा का समापन हुआ।
कथा के पहले दिन भागवताचार्य पंडित रवि तिवारी ने भागवत का महत्व समझाते हुए कहा कि इसको श्रवण करने से 10 अश्वमेघ यज्ञ का फल प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि महात्मय ज्ञान के बिना प्रेम चिरंजीव नहीं होता, अस्थायी हो जाता है। भगवान की लीला अपरंपार है। 
वे अपनी लीलाओं के माध्यम से मनुष्य व देवताओं के धर्मानुसार आचरण करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा के महत्व को समझाते हुए कहा कि भागवत कथा में जीवन का सार तत्व मौजूद है। बस आवश्यकता है निर्मल मन और स्थिर चित्त के साथ श्रवण करने की। भागवत के श्रवण से मनुष्य को परमानंद की प्राप्ति होने के साथ प्रेत योनि से मुक्ति मिलती है भागवत कथा में पहले दिन कथा व्यास ने भगवान के विराट रूप का वर्णन किया।