झाँसी पुलिस की विफलता-तीन साल से अपराधी को पकडऩे में नाकाम

May 18 2024

ग्वालियर। एक चेक बाउंस मामले में ग्वालियर जिला न्यायालय मजिस्ट्रेट मेघा अग्रवाल द्वारा अभियुक्त लक्ष्मी नारायण गुप्ता को 5 जुलाई 2021 को धारा 138 के तहत दंडनीय अपराध के आरोप में 1 वर्ष के सश्रम कारावास और प्रतिकार से दंडित किया गया था। बावजूद इसके, तीन साल बीत जाने के बाद भी झाँसी पुलिस अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने में असफल रही है।
परिवादी ने पूर्व में स्वयं उपस्थित होकर झाँसी एसएसपी एस राजेश से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की, जिसके बाद मामला थाना नवावाबाद को अग्रिम कार्यवाही के लिए सौंपा गया। परिवादी ने नवावाबाद पुलिस को मुल्जिम की सम्पूर्ण निशानदेही, जैसे कि उसका घर, दुकान, फोटो, मोबाइल नंबर और परिवार के संपर्क नंबर आदि जानकारी भी मुहैया कराए है।
इसके बावजूद परिवादी ने कई बार व्यक्तिगत रूप से और फोन पर झाँसी पुलिस से संपर्क किया, लेकिन पुलिस की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। हैरानी की बात यह है कि मुल्जिम अपने निवास स्थान पर परिवार सहित आराम से रह रहा है और आतियां तालाब स्थित अपनी ई-व्हीकल शोरूम पर भी नियमित रूप से उपस्थित रहता है।
पुलिस के इस टालमटोल रवैए से यह स्पष्ट होता है कि झाँसी पुलिस या तो मुल्जिम को बचाने की कोशिश कर रही है या फिर दूसरे राज्य का मामला होने के कारण अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट रही हैं। साथ ही झाँसी पुलिस द्वारा न्यायालय के आदेश की बार-बार अवहेलना की जा रही है, जो कि न्यायिक प्रणाली के प्रति गंभीर उदासीनता और कर्तव्य की अवमानना को दर्शाता है।
इस स्थिति ने न्याय की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं और झाँसी पुलिस की विश्वसनीयता पर गहरा धक्का पहुंचाया है। फरियादी ने झाँसी पुलिस से तत्काल और प्रभावी कार्यवाही की मांग करी हैं। ताकि न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित हो और अपराधी को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुँचाया जा सके।