माधवी राजे की पार्थिव देह रानी महल पहुंची, तीन बजे तक अंतिम दर्शन हुए

May 16 2024

ग्वालियर। पूर्व केंद्रीय मंत्री माधव राव सिंधिया की पत्नी और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मां राजमाता माधवी राजे का गत बुधवार को निधन हो गया। वे 76 वर्ष की थीं। गुरुवार की पूर्वाह्न सवा ग्यारह बजे विमान से उनकी पार्थिव देह दिल्ली से ग्वालियर एयरपोर्ट लाई गई। यहां एम्बुलेंस से रानी महल ले जाया गया। पार्थिव देह दोपहर तीन बजे तक रानी महल में अंतिम दर्शन के लिए रखी गई। शाम 5 बजे सिंधिया छत्री पर उनका राजसी परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी मां को मुखाग्नि दी। 
रानी महल में केंद्रीय मंत्री ज्योतिराजदित्य सिंधिया, पत्नी प्रियदर्शिनी सिंधिया, बेटे व बहन चित्रांगदा समेत उनकी बुआ पूर्व मुख्यमंत्री राजस्थान वसुंधरा राजे, पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सहित परिवार के सभी सदस्य मौजूद थे।
सिंधिया राजघराने की राजमाता और केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मां स्व. माधवीराजे सिंधिया के अंतिम दर्शन और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए देश भर से लोग ग्वालियर पहुंचे। राजमाता को नमन करने गुरूवार सुबह से बड़ी संख्या में तमाम वीवीआईपी एवं वीआईपी सहित बड़ी तादात में लोग जयविलास पहुंचना शुरू हो गए थे। जहां मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल समेत कई भाजपा नेताओं सहित राजनीतिक, सामाजिक और कारोबार जगत से जुड़ी बड़ी हस्तियों ने उनके अंतिम दर्शन कर पुष्पांजलि अर्पित की।
माधवीराजे के निधन पर ग्वालियर ही नहीं पूरा अंचल शोक की इस घड़ी में सिंधिया परिवार के साथ खड़ा नजर आयाद्ध यापारी वर्ग ने जहां  गुरूवार सुबह से ही बाजार बंद रखे हैं, वहीं इस गमगीन माहौल में समूचा शहर थम सा गया थ। कोई रानीमहल में राजमाता के अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहा है तो कोई कटोरा ताल रोड और छत्री परिसर में राजमाता को अंतिम विदाई देने के लिए कतार में था। 
ग्वालियर-चंबल अंचल के आठ जिलों ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, अशोकनगर, गुना से हजारों की संख्या में लोग आए। इनके लिए अलग-अलग पार्किंग व आने के रास्ते निर्धारित किए गए थे।  रानी महल से पार्थिव देह के अंतिम दर्शन के बाद अंतिम यात्रा शुरू हुई है। जिसमें कई वीवीआईपी के साथ ही आमजन भी बड़ी संख्या में शामिल थे।