प्रभात राय ने सबसे पहले सनातन धर्म में किया था चित्रण

May 15 2024

ग्वालियर। विश्ववियात मूर्तिकार प्रभात राय के आकस्मिक निधन पर सनातन धर्म मंडल ने शोक व्यत कर श्रद्धांजलि अर्पित की है। 
प्रधानमंत्री महेश नीखरा एवं अध्यक्ष कैलाश मित्तल ने इस मौके पर कहा कि प्रभात राय ने अपने कॅरियर की शुरुआत वर्ष 1992 में सनातन धर्म मंदिर से की थी। उन्होंने मंदिर के चक्रधर सभागार में व्यास पीठ पर महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण-अर्जुन के श्रीमद्भगवत गीता उपदेश को सजीव किया। 
इसके बाद 2005 में मंदिर परिसर में स्थापित गिरिराजधरण मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की कनिष्ठा अंगुली पर धारण विशाल गिरिराज पर्वत की प्रतिकृति भी प्रभात राय ने ही तैयार की थी। प्रभात राय एक कुशल मूर्तिकार ही नहीं बल्कि एक अच्छे व्यक्तित्व के धनी भी थे। उनका आकस्मिक निधन मूर्तिकला के क्षेत्र में एक अपूर्णीय क्षति है। 
मंडल के विश्वनाथ मित्तल, कैलाश मिाल, महेश नीखरा, हरीशंकर सिंघल, राकेश बंसल, रमेशचंद गोयल, ओमप्रकाश गोयल, विमल माहेश्वरी, केदारनाथ, राजेश गर्ग, मनोज सांघी, अजय गुप्ता, शशिकांत माहेश्वरी सहित सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों ने प्रभात राय के आकस्मिक निधन पर शोक व्यत करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।