डीबी सिटी टाउनशिप में समस्याओं को लेकर रहवासियों ने मोर्चा खोला

Apr 15 2024

ग्वालियर। अब डीबी सिटी टाउनशिप में समस्याओं के अंबार को लेकर रहवासियों ने मोर्चा खोल दिया। रहवासियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था के नाम से केवल यहां के रहवासियों के साथ छलावा है। पूर्व में इस टाउनशिप में 120 सुरक्षा गार्ड चप्पे-चप्पे पर लगे हुए थे। जिसमें प्रमुख पॉइंट पर बंदूकधारी गार्ड हर समय तैनात रहते थे। प्रत्येक टावर पर एक गार्ड मौजूद रहता था। किसी भी भारी व्यक्ति की पूर्ण जांच पड़ताल के बाद ही संबंधित रहवासी तक वह पहुंचता था। 
परंतु वर्तमान परिवेश में नए 6 और टावर तैयार होकर उसमें शत-प्रतिशत पजेशन हो चुका है। बावजूद गाड़ो की संख्या बढ़ाने की बजाय घटकर मात्र 20 से 40 गार्ड्स के सारे पूरी डीबी सिटी की सुरक्षा व्यवस्था हो रही है। इसी आधार पर सुरक्षा व्यवस्था के स्तर का आकलन किया जा सकता है। इसी कारण से आए दिन चोरी एवं अन्य पर्याय घटनाएं बढ़ रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था एवं आगंतुक कि पहचान की दृष्टि हेतु बिल्डर द्वारा इंटरकॉम व्यवस्था का पूर्णत: लागू हेतु आश्वासन दिया था। परंतु आज तक नहीं लगाए गए। सभी रहवासियों को क्रय पूर्व पूर्ण कर्व्ड टाउनशिप का कहा गया था, परंतु आज तक 30 प्रतिशत टाउनशिप ओपन है, जिसे कवर्ड नहीं किया गया है, जिससे आवारा जानवर एवं संदिग्ध एवं शरारती तत्वों का आवागमन बना रहता है, लगातार बिल्डर द्वारा टाउनशिप का विस्तार किया जा रहा है, 
अग्निशमन की व्यवस्थाओं पर सोसाइटी में रहने वाले लोगों को सुविधाओं के नाम पर जीरो है। अग्निशमन यंत्रों का उचित संसाधन एवं संचालन नहीं किया जा रहा है, प्रत्येक तीन एवं छह माह में मॉकड्रिल एवं अग्निशमन यंत्रों की जांच की जाना चाहिए, जबकि प्रारंभ से ही इन यंत्रों का मॉकड्रिल के माध्यम से संचालन नहीं किया गया है, यह यंत्र वर्तमान में सही है या नहीं प्रश्न चिन्ह है,।शायद प्रबंधन घटना घटने का इंतजार कर रहवासियों की जान माल के साथ खिलवाड़ कर रहा है, इन यंत्रों के लिए सुरक्षित किए गए स्थान पर लगे दरवाजे एवं यंत्र भी जर्जर हालत में है, आग अथवा अन्य दुर्घटना के समय इमरजेंसी निकास एवं बिल्डिंग कनेक्टिविटी का प्रावधान नहीं किया गया है जो की पूर्णत: नियम विरुद्ध है। 
पर्याप्त लाइट व्यवस्था के नाम पर भी समस्याओं का अंबार है, जिसमें गार्डन एरिया, स्ट्रीट लाइट एवं प्रत्येक टावर में प्रॉपर लाइट की व्यवस्था न होने के कारण वहां अंधेरा व्याप्त रहता है, जिससे बच्चे गार्डन में खेल नहीं पाते, बुजुर्ग एवं महिलाएं वॉक नहीं कर पाते, साथ ही रहवासियों को अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। 
रहवासियों में विनोद मिश्रा, एमएल तिवारी, प्रवीण पवार, एके शुक्ला, बीके शर्मा, केके शर्मा ने अपनी शिकायत दर्ज कराई।