दलित शोषित पीडि़त ज्ञानीजनों के लिए अवतार रूप हैं बाबा साहेब- फौजी सतेन्द्र

Apr 14 2024

ग्वालियर। पंचशील को जीवन में उतार कर जहां हम अपने व्यक्तित्व को निखार सकते हैं वहीं पूरी निष्ठा से संविधान का अनुपालन करके हम अपने राष्ट्र में शांति और सद्भाव का शासन बरकरार रख सकते हैं। इस आशय के विचार शीतला माता टीम के संयोजक फौजी सतेन्द्र सिंह घुरैया और धारा सिंह नेता ने संविधान निर्माता डॉ भीमराव अम्बेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए व्यक्त किए। इससे पहले कार्यकर्ताओं के साथ शांति सद्भावना रैली निकाली गई जिसमें  बुद्धम् शरणम् गच्छामि का उद्घोष करते हुए बाबा साहेब के अनुयाई प्रतिमा स्थल पर पहुंचे और पुष्प वर्षा कर संविधान निर्माता के प्रति अपना आदर भाव प्रकट किया। 
यहीं पर शीतला माता टीम के संयोजक फौजी सतेन्द्र ने कहा कि हमें गर्व है कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का लिखित संविधान केवल भारत का है जो भारतरत्न बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर के कारण ही संभव हो सका है। वहीं धारासिंह ने पंचशील के सिद्धांत पर जोर दिया और वैश्विक शांति के लिए इसे जरूरी बताया। शीतला माता टीम के उपसंयोजक इंजीनियर सुरेन्द्र सिंह घुरैया, सूरज भान सिंह (गुनिया चाचा), ऊदल सिंह, किशनसिंह बिजौल, रघुराज सिंह ने भी बाबा साहेब की जयंती पर अपने विचार रखे। इस दौरान मिष्ठान वितरण भी किया गया।