स्व. शीतला सहाय के 94वें जन्मदिवस पर पुष्पांजलि सभा का आयोजन

Apr 08 2024

ग्वालियर। कैन्सर चिकित्सालय एंव शोध संस्थान में स्व. शीतला सहाय के 94वें जन्मोत्सव पर कैंसर पहाडी स्थित उनके समाधी स्थल पर पुष्पाजंली सभा का आयोजन सोमवार को किया गया। इस अवसर पर सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, भारत सिंह कुशवाह पूर्व मंत्री, ध्यानेन्द्र सिंह पूर्व मंत्री, ब्रजेन्द्र सिंह जादौन (लालजी) पूर्व सभापति, राकेश माहोर पूर्व सभापति, प्रवीण पाठक पूर्व विधायक, मुन्नालाल गोयल पूर्व विधायक, रमेश चन्द्र अग्रवाल पूर्व विधायक, अभय चौधरी भाजपा जिलाध्यक्ष, अरूण कुलश्रेष्ठ जिला महामंत्री, पीएस बिसेन पूर्व कुलपति, प्रवीण अग्रवाल अध्यक्ष चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स एवं महानगर के विभित्र समाजसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी एंव गणमान्य नागरिकों ने कैंसर पहाड़ी स्थित शीतला सहाय समाधी एवं शीतला सहाय चौराहा पर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर सांसद विवेक शेजवलकर ने कहा कि सहायजी जैसे समर्पित नेताओं की आवश्यकता आज भी है उनके जीवन के कई पहलु थे। उन्होंने सेवा को अपना प्रधान कर्तव्य बनाया।  उनके जन्मोत्सव पर उन्हें याद करने का मतलब व्यक्ति को याद करना नहीं है बल्कि उनके गुणों को यादकर उन्हें अपनाना होता है।  यही हमारी सही पुष्पांजलि होगी। श्री शीतला सहाय द्वारा स्थापित कैंसर हॉस्पिटल उनके जाने के बाद भी उनके परिवार की देखरेख में सतत उन्नति की ओर की अग्रसर हैं। यह उनके द्वारा परिवार को विरासत में मिले गुणों के कारण ही संभव है। 
अभय चौधरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि राजनीति में तो बहुत सारे लोग आते हैं लेकिन विरले ही सेवा को अपने जीवन का उद्देश्य बनाते हैं स्वर्गीय श्री शीतला सहाय जी ने अपने जीवन में सेवा को प्राथमिकता दी है और कैंसर हॉस्पिटल को देश के सर्वोत्कृष्ट कैंसर हॉस्पिटल में से एक बनाया है।
पीएस बिसेन पूर्व कुलपति ने अपने संस्मरण याद करते हुए बताया की शीतला सहाय समस्याओं के समाधान पर काम करते थे। उनको दिए गए सुझावों के आधार पर ही उन्होंने कॉलेज ऑफ़ लाइफ साइंसेज की स्थापना की, चिकित्सालय का नाम शोध संस्थान रखा जिससे कैंसर के इलाज के लिए बड़े बड़े डॉक्टरों को बुलाकर उनके लेक्चर कराये जा सके। उसी समय से लगातार सीएमई का आयोजन कराया। 
पुष्पांजलि कार्यक्रम में ध्यानेन्द्र सिंह, रमेश चन्द्र अग्रवाल, मुन्नालाल गोयल, प्रवीण पाठक, प्रवीण अग्रवाल के द्वारा उनके साथ बिताये गए समय, उनके संस्मरण, उनके कार्य के तरीके, सेवा के जूनून आदि से अवगत कराया।
 शीतला सहाय की बेटी डॉ.अचला सहाय ने उन्हें याद कर उनकी पसंदीदा कविता का काव्य पाठ किया। कैंसर चिकित्सालय एवं शोध संस्थान के संचालक डॉ. बीआर श्रीवास्तव एवं शीतला सहाय मल्टी स्पेशलिटी के संचालक डॉ. नीरज शर्मा ने बताया की सहाय कितने संत स्वाभाव के थे। उनके इसी स्वाभाव के कारण इस चिकित्सालय के निर्माण में सभी जनो में अपना योगदान दिया। न केवल सरकार द्वारा बल्कि सहर के गणमान्य नागरिको ने भी चिकित्सालय में आने वाले मरीजों के लिए अपने अपने प्रयासों से विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करा रखी है। अभी वर्तमान में सांसद विवेक शेजलवकर द्वारा चिकित्सालय को सांसद निधि से मेमोग्राफी वैन उपलब्ध कराई जा रही है। जिससे गांव गांव जाकर मरीजों का निशुल्क परिक्षण किया जा सके।