एनएसयूआई छात्र नेताओं ने जेयू कुलपति के निवास सद्बुद्धि यज्ञ किया

Apr 07 2024

ग्वालियर। डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) प्रवेश परीक्षा और यूजी सेंटर लिस्ट निर्धारण में एनएसयूआई छात्र नेताओं ने धांधली का आरोप लगाते हुए जेयू कुलपति प्रो. अविनाश तिवारी के निवास के बाहर सद्बुद्धि यज्ञ किया। एनएसयूआई छात्र नेताओं ने कहा कि हे भगवान जेयू अधिकारियों को सद्बुद्धि दो। ताकि वह गरीब छात्रों का हक छिनकर अधिकारियों को ना दें। यज्ञ करने के बाद वह ज्ञापन की प्रति गेट के बाहर रखकर चले गए।
जीवाजी विश्वविद्यालय एनएसयूआई अध्यक्ष पारस यादव ने बताया कि जेयू अधिकारियों ने 5 अप्रैल को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट घोषित किया है। इस परीक्षा में दो अधिकारियों सहित कई कर्मचारियों और उनके परिवार के लोगों का चयन हुआ है। रिजल्ट में छात्र कोई आपत्ति दर्ज नहीं करा सकें। इसलिए जेयू अधिकारियों ने उत्तरकुंजी जारी किए बिना ही प्रोविजनल रिजल्ट घोषित कर दिया। जबकि रिजल्ट जारी करने से पहले उत्तरकुंजी जारी करने का आश्वासन जेयू अधिकारियों द्वारा ही छात्रों को दिया गया था। इससे स्पष्ट होता है कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट कूटरचित तरीके से तैयार किया है। 
वंश महेश्वरी ने बताया कि आज सोमवार से स्नातक (यूजी) परीक्षा होना है। इसके लिए जेयू द्वारा परीक्षा केंद्रों की सूची जारी की गई है। जारी सूची को देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारियों ने शासकीय कॉलेजों को छोडक़र निजी कॉलेजों को सेंटर बनाया है। जैसे कि नजदीक में शासकीय कॉलेज होने के बाद भी स्वामी विवेकानंद कॉलेज जौरा महाविद्यालय का परीक्षा केंद्र कैलारस के सुभाष महाविद्यालय को बनाया है। एडीएस महाविद्यालय अम्बाह, पीएसटी कॉलेज अम्बाह और जय हिंद बिस्मिल कॉलेज अम्बाह का परीक्षा केंद्र पीजी कॉलेज अम्बाह बनाने की बजाय आरवीएस कॉलेज पोरसा को बनाया है। जेबी कॉलेज सबलगढ़ के पास वाले शासकीय कॉलेज को छोडक़र इंद्रप्रस्थ इंस्टिट्यूट ऑफ आर्ट साइंस एंड मैनेजमेंट कैलारस को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इतना ही नहीं श्योपुर जिले के डॉ.अंबेडकर महाविद्यालय वीरपुर का परीक्षा केंद्र मुरैना जिले के सबलगढ़ के कॉलेज बनाया है।
यज्ञ के दौरान एनएसयूआई के मोहित भदौरिया, निखिल सिंह राजपूत, निखिल झा, सुमित साहू और वंश महेश्वरी उपस्थित थे।