नशे की लत युवाओं को अन्दर से खोखला कर रही है: टीआई विपेन्द्र चौहान

Apr 04 2024

ग्वालियर। मनुष्य हमेशा स्वतंत्र रहना चाहता है परन्तु नशा करने वाला व्यक्ति नशे का गुलाम बन जाता है जिसके कारण उसको एकांकी जीवन व्यतीत करना पड़ता है। ड्रग्स का सेवन करने वाले व्यक्ति को नशे के द्वारा गुलामी की जीवन व्यतीत करना पडता है यह बात टीआई विपेन्द्र सिंह चौहान ने कही। माधव महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा इकाई द्वारा ड्रग्स उन्मूलन कार्यक्रम के तहत एक सेमीनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विपेन्द्र सिंह चौहान थाना प्रभारी जनकगंज, विशिष्ट अतिथि एडवोकेट डॉ. सुधीर चतुर्वेदी, डॉ. मनोज अवस्थी, विशिष्ट अतिथि रमाशंकर यादव तहसीलदार, डॉ. संजय रस्तोगी, शिवकुमार शर्मा,, डॉ. संजय कुमार पाण्डेय, डॉ. विकास शुक्ला उपस्थित थे। 
टीआई विपेन्द्र चौहान ने कहा कि ड्रग्स का नशा युवा पीढ़ी को तो बरबाद कर ही रही है साथ ही साथ भारत के भविष्य के लिए भी खतरा बन गई है। ड्रग्स करने वाला व्यक्ति ड्रग्स के नशे के साथ अपने शरीर में एड्स जैसी महामारक बीमारियों को भी अपने शरीर में आने के लिए रास्ता साफ कर रहा है।
जिसके कारण स्वस्थ युवा भारत की संकल्पना करना भी कठिन हो रहा है। नशा करने वाला व्यक्ति अपने दोस्तों, परिजनों और समाज से धीरे धीरे दूर होता जाता है उसके जीने की इच्छा शक्ति कम हो जाती है। नशा कभी तनाव दूर करने का माध्यम नहीं हो सकता है। नशे के कारण वह व्यक्ति शून्यता की ओर चला जाता है।
एडवोकेट चतुर्वेदी ने बताया कि हम युवा यदि एक जुट हो जाये तो इस नशे की जंग को जीत सकते है क्योंकि नशा धीरे धीरे हमें खोखला करता जा रहा है। डॉ. रस्तोगी ने बताया कि एनएसएस हमेशा नशे की खिलाफ एक जुट होकर कार्य करती है।
तहसीलदार यादव ने बताया कि मनुष्य नशे के कारण अपने परिवार को धोखा दे रहा है जिसके लिये युवाओं के साथ हम सबको एक होना पड़ेगा। डॉ. शिवकुमार ने बताया रासेयो स्वयं सेवक नशे को एक अभियान के रूप में लेकर जागरूकता का कार्य आसानी से कर सकते है।
कार्यक्रम में डॉ. अवस्थी ने बताया कि युवाओ को सशक्त व मजबूत करने के लिये साथ ही साथ परिवार को बचाने के लिये ड्रग्स सेवन के मकडजाल से बाहर आना पड़ेगा। ड्रग्स यह नहीं देखता कि इसकी मार किस परिवार पर पडेगा और इससे कौन-कौन लोग प्रभावित होंगे। शासन द्वारा महाविद्यालयों में इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन करने का उद्देश्य ही युवा पीढ़ी को ड्रग्स के नशे से बचाना है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजय कुमार पाण्डेय एवं आभार डॉ. विकास शुक्ला ने किया।
कार्यक्रम में डॉ. नीलेन्द्र सिंह तोमर, डॉ. राकेश करहेरिया, डॉ. निवेदिता पाचांल, डॉ. योजना तिवारी, डॉ. दिनेश सिंह कुशवाह, डॉ. राजेश मिश्रा, स्वंय सेवक अनुरुद्ध शर्मा, अंकुश अरोरा, रितिक घोरपड़े, मोहित राजावत, आशुतोष पालीवाल, राजीव दोहरे, नकुल शर्मा, शिवम गौड्याले, सुमित रजक, पंकज रजक, रौनक द्विवेदी, भूमि गुप्ता, दीक्षा पाल, हेमन्त अग्रवाल, अमित पाराशर, दीया अग्रवाल आदि लोग उपस्थित थे।