मुस्कराने से जीवन की आधी समस्याएं समाप्त हो जाती है:प्रहलाद भाई

Apr 03 2024

ग्वालियर। माधवगंज स्थित प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय प्रभु उपहार भवन की छठवीं वर्षगाँठ पर वार्षिक उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पीताम्बर लोकवानी, सतेन्द्र सिंह सोलंकी, रंजीत सिंह छावरा, डॉ. एचएस कुशवाह, डॉ. रानी कुशवाह, ब्रह्माकुमारीज सेवाकेंद्र की संचालिका बीके आदर्श दीदी, बीके प्रहलाद भाई, बीके डॉ गुरुचरण सिंह उपस्थित थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। तत्पश्चात बीके आदर्श दीदी ने प्रभु उपहार भवन में सेवाओं के 6 वर्ष पूर्ण होने पर सभी को शुभकामनाएं दीं और कहा कि ब्रह्माकुमारीज संस्थान विगत 8 दसको से देश और दुनिया में आध्यात्म के माध्यम से लोगो के जीवन में शांति और खुशहाली लाने का प्रयास कर रहा है, क्योकि खुशी के बिना कोई भी कार्य बेहतर ढंग से नहीं किया जा सकता। इसलिए खुश रहना जरुरी है, इसमें आध्यात्मिक ज्ञान हमारी बहुत मदद करता है। संस्थान के द्वारा लोगो को आध्यात्मिक ज्ञान देने के साथ साथ बिभिन्न अभियान चलाये गए। जिसमें पर्यावरण सरंक्षण, जल सरंक्षण, स्वच्छ भारत, नशा मुक्त भारत जैसे अनेक कार्यक्रम शामिल है। ग्वालियर जिले में भी इन्ही अभियान के अंतर्गत वर्ष भर में अनेकनेक कार्यक्रम आयोजित किये गए। जिसका लाभ लाखो लोगो को मिला। दीदी ने आगे कहा कि सभी को व्यक्तिगत हित से ऊपर उठकर समाज कल्याण व विश्व कल्याण के लिए कार्य करना चाहिए। साथ ही सभी के प्रति परस्पर सहयोग, स्नेह, सम्मान की भावना भी अपने मन में रखनी चाहिए।  क्यों कि जिस प्रकार बूंद बूंद से घड़ा भरता है ठीक उसी प्रकार एक-एक व्यक्ति से मिलकर ही समाज व देश का निर्माण होता है और एक मूल्यनिष्ठ समाज की स्थापना के लिए हर व्यक्ति के सहयोग की आवश्यकता होती है। इसलिए कहाबत भी है सबके सहयोग से सुखमय संसार। 
कार्यक्रम में बीके प्रहलाद भाई ने वर्ष 2023-24 में किये गए अनेकानेक जनहितकारी  कार्यक्रम की वार्षिक रिपोर्ट वीडिओ प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत की जिसमें मैडिटेशन शिविर, स्वास्थ्य शिविर, नशामुक्ति शिविर, जल जन अभियान, वृक्षा रोपण, स्वच्छता अभियान, बच्चों के लिए नैतिक शिक्षा, मोटिवेशनल कार्यक्रम, सामाजिक, आध्यात्मिक आदि कार्यक्रम शामिल है। इन सभी कार्यक्रम के माध्यम से लाखों लोगो को संदेश दिया गया। बीके प्रहलाद ने वार्षिक रिपोर्ट पेश करने के साथ साथ सभी को कहा कि हम सदैव जब दूसरों को कुछ न कुछ देने की भावना रखते है। तो हमारा खुशी का स्तर बढ़ता है। इसलिए हमें सदैव देने की भावना रखनी चाहिए। यदि कुछ नहीं दे सकते तो कम से कम मुस्कराकर सभी से बात करें तो सारे कार्य सहज हो जायेंगे।
कार्यक्रम में पधारे सतेन्द्र सिंह सोलंकी ने सभी को वार्षिक उत्सव पर शुभकामनाएं दीं। और कहा कि यह बहुत ही ख़ुशी की बात है इतना अच्छा आश्रम हमारे क्षेत्र में है जहाँ लोगो को सकारात्मक दिशा मिलती है। मुझे सौभाग्य मिला कि अनेकानेक जन जागृति के कार्यक्रम संस्थान के साथ मिलकर किए।
कार्यक्रम पीताम्बर लोकवानी ने अपने विचार रखते हुए सभी को बधाई दी और कहा कि जब यह माधवगंज केंद्र बन रहा था तभी मुझे यह अहसास था कि इस क्षेत्र के लोगो को इसका लाभ मिलेगा और आज जिस तरह से लोग यहाँ बड़ी संख्या में पहुँचते है कि बैठने का हॉल भी छोटा पड़ जाता है इससे यह पता चलता है कि लोगो की संस्थान के प्रति कितनी आस्था और श्रद्धा है। और लोगो के जीवन में कितना परिवर्तन आया है। कार्यक्रम में रंजीत सिंह छावरा ने अपनी शुभकामनाएं दीं और कहा कि संस्थान मानव सेवा के लिए समर्पित है और जो आंनद सेवा में वह किसी कार्य में नहीं है। 
डॉ. एचएस कुशवाह ने वार्षिक उत्सव पर सबको बधाई दी और कहा कि पूरे वर्ष में संस्थान के द्वारा अनेकानेक कार्यक्रम किये जाते है जो कि सराहनीय और अनुकरणीय है, यह लोग नि:स्वार्थ भाव से समाज के लिए कार्य करते है। और यह हमारा सौभाग्य है ऐसे महान लोगो का सानिध्य हम सबको मिलता है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे तीन से चार बार माउंट आबू जाने का मौका मिला तब में संस्थान के संपर्क में हूँ मै भले संस्थान में रोज नहीं आ पाता लेकिन इनके द्वारा सिखाया गया मैडिटेशन मैं रोज करता हूँ और जब भी कोई समस्या आती है तो मै परमात्मा को याद कर हल्का हो जाता हूँ। कार्यक्रम में डॉ रानी कुशवाह और अभय खंडेलवाल ने भी अपनी शुभकामनाएं रखी।
इसके साथ ही बाल कलाकारों के द्वारा सुन्दर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गई जिसने सभी का मन मोहा। प्रस्तुति देने वालों में कु. दृष्टि पमनानी, कु. पिहु, बीके पवन आदि मोजूद थे।
कार्यक्रम में संतोष गुप्ता, बीएम सोनी, प्रो. आरएस वर्मा, राजेंद्र सिंह, अशोक पमनानी, नीलम मोतिरमानी, जया लोकवानी, कविता, एकता, सुरेन्द्र, रवि, हर्षित सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित थे। मंच का संचालन एवं सभी का आभार बीके प्रहलाद भाई ने किया।