रंगपंचमी पर होली खेलने निकले अचलनाथ

Mar 30 2024

ग्वालियर। रंगपंचमी पर भगवान अचलनाथ भक्तों के साथ फूलों और अबीर के साथ होली खेलने निकले तो भक्तों ने भी उत्साह के साथ जगह-जगह फूलों और अबीर से उनका स्वागत किया।
शनिवार को रंगपंचमी पर शहर के मंदिरों में रंग और अबीर सुबह से ही उड़ रहा है। भगवान अचलनाथ भक्तों के साथ होली खेलने के लिए ढोल-ताशों के साथ निकले।
 शनिवार की सुबह से अचलनाथ मंदिर में फूल और अबीर उड़ रहा था और भक्त भोलेनाथ से फूल से होली खेल रहे थे। सुबह से शिवालयों सहित सभी मंदिरों में भक्तों की अपार भीड़ लगी और भक्त भगवान की पूजा अर्चना करते हुए गुलाल लगाकर रंगपंचमी मनाई।
बाबा अचलनाथ पालकी में सवार होकर ढोल ताशों के साथ जैसे ही शहर भ्रमण कर भक्तों से होली खेलने निकले तो बम-बम भोले के जयकारों से रास्ते गूंजने लगे।
भगवान अचलनाथ ढोल-ताशों के साथ होली खेलने के लिए जैसे ही निकले तो भक्तों ने फूल उड़ाना शुरू कर दिया। भक्त रास्ते भर एक-दूसरे पर गुलाल और फूल बरसाते रहे। रथों में भगवान का स्वरूप रखकर विराजमान बच्चे सभी को अपनी ओर आकर्षित करते हुए सभी का मन मोह रहे हैं। 
भगवान अचलनाथ की विशाल यात्रा दाल बाजार से होते हुए नया बाजार, लोहिया बाजार होते हुए ऊंट पुल पहुंची। शोभायात्रा ऊंट पुल से होते हुए दौलतगंज, महाराज बाड़ा होते हुए सराफा बाजार पहुंची जहां रास्ते भर शीतल जल व फूल मालाओं से भक्तों ने स्वागत किया। शोभायात्रा राम मंदिर पहुंची। जहां भगवान श्रीराम से अचलनाथ ने होली खेली और इसके बाद जिला न्यायालय के पास स्थित गिर्राज जी के मंदिर पहुंची यहां पर बाबा अचलनाथ ने भगवान गिर्राज जी के साथ होली खेली। व यात्रा वापस अचलधाम पहुंची।
भगवान चक्रधर से देवाधिदेव अचलेश्वर महादेव ने खेली होली
रंगोत्सव रंगपंचमी पर्व पर देवाधिदेव अचलेश्वर महादेव भक्तों संग होली खेलने नगर भ्रमण पर शोभा यात्रा के रूप में पालकी पर सवार होकर बैंड बाजे के साथ निकले। अपने नगर भ्रमण में अचलेश्वर महादेव प्रभु श्रीराम, हाईकोर्ट पर विराजमान श्री गिरराज से होली खेलने के पश्चात अपने भक्तगणों की टोली के संग सनातन धर्म मन्दिर पहुंचे। यहां पहुंचकर  अचलेश्वर महादेव ने भगवान चक्रधर एवम श्री गिरिराज धरण के साथ वर्षों से चली आ रही परम्परा का निर्वाह करते हुए अबीर गुलाल और फूलों की  परम्परागत होली खेली। 
मन्दिर पहुंचने पर मुख्य पुजारी पंडित रमाकांत शास्त्री ने बाबा अचलनाथ को अबीर गुलाल अर्पित कर ठंडाई का भोग लगाया एवम आरती उतारी। भगवान अचलनाथ के साथ पधारे हुए सभी भक्तजनों का सनातन धर्म मन्दिर समिति ने ठंडाई, अबीर गुलाल एवम फूलों से स्वागत अभिनन्दन किया। संध्या आरती उपरांत भक्तों ने चक्रधर सभागार में फाग गायन किया, भगवान चक्रधर एवम गिरिराज धरण के साथ फूलों की होली खेली। होरी खेलन आयो श्याम आज जाए रंग में बोरो री, होरी कैसे खेलूं री या सांवरिया के संग आज ब्रज में होरी रे रसिया कौन गांव के कुंअर कन्हाई,कौन गांव की गोरी  रे रसिया इस अवसर पर अध्यक्ष कैलाश मित्तल, प्रधानमंत्री महेश नीखरा, धर्म मंत्री ओमप्रकाश गोयल, विमल माहेश्वरी, अजय गुप्ता, राजेश गर्ग, नरेंद्र मंगल, केदारनाथ, कैलाश नारायण, ब्रजेश भुजंग सहित सभी भक्तजन उपस्थित थे।