जिला पंचायत की उपाध्यक्ष के पति पर पुलिसिया ज्यादती की जांच शुरू

Mar 30 2024

ग्वालियर। मुख्यमंत्री डॉ मोहन सिंह यादव ने त्वरित कार्रवाई के जरिए यह सिद्ध कर दिया है कि प्रदेश में उनकी सरकार पिछड़े और मजलूमों पर किसी भी तरह का अत्याचार कत्तई बर्दाश्त नहीं करेगी। ऐसा मानना है ग्वालियर जिला पंचायत की उपाध्यक्ष प्रियंका घुरैया का। प्रियंका ने अपने पति युवा गुर्जर नेता तथा शीतला माता टीम के मुख्य संयोजक सतेन्द्र सिंह घुरैया फ़ौजी पर गोला का मंदिर थाना पुलिस की बेज़ा कार्रवाई की शिकायत मुख्यमंत्री डॉ मोहन सिंह यादव से की थी। बताते हैं कि इसी के चलते पूरे मामले की तत्काल जांच कै निर्देश किये गए। बीते रोज सीएसपी मुरार परिक्षेत्र राजीव जंगले ने प्रियंका के पति युवा गुर्जर नेता सतेन्द्र का बयान भी लिया और आश्वस्त किया कि दोषी बख़्शे न जाएंगे। 
मामला यह है कि बीती 24 मार्च की आधी रात, होलिका दहन के बाद जब जिला पंचायत की उपाध्यक्ष प्रियंका घुरैया के पति सतेन्द्र उनके गगन प्लाजा स्थित जन सम्पर्क दफ्तर में दूसरे दिन के रंगोत्सव की तैयारी कर रहे थे उसी दौरान एक पुलिस हवलदार के साथ सिविल ड्रेस में आधा दर्जन से ज्यादा लोग आ धमके। उनमें दो लोग ऐसे भी थे जो अपने चेहरा ढंके हुए थे। आते ही इन लोगों ने मार-पीट शुरू कर दी और नगदी की मांग भी करते रहे। इतना ही नहीं ये लोग सतेन्द्र और उनके तीन साथियों को लगभग घसीटते हुए तीसरी से नीचे लाए जहां कि गोला का मंदिर थाने के टीआई राजकुमार शर्मा अपनी वर्दी में खड़े थे। थाने में सतेन्द्र और उनके साथियों की तलाशी ली गई। मोबाइल की डिटेल खंगाली गई। जब कुछ नहीं मिला तो मोबाइल तो लौटा दिया गया लेकिन सामान्य खर्चे के लिए जो रुपए जेब में रखे थे, उन्हें छीन लिया गया। दूसरे दिन जैसे ही यह खबर अंचल में फैली सभी वर्गों के लोग आक्रोशित हो गए। थाना घेरने पर उतारू हो गए किन्तु समझाइश के बाद बीच का रास्ता यह निकाला गया कि जिला दण्डाधिकारी, पुलिस आईजी, डीआईजी, एसपी को ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री से न्यायोचित कार्रवाई की मांग की जाए। 
जिला पंचायत की उपाध्यक्ष प्रियंका ने पति सतेन्द्र सिंह को साथ में लेकर जहां मुख्यमंत्री डॉ मोहन सिंह यादव को लिखित में शिकायत की वहीं वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में ज्ञापन भी सौंपा। खास बात यह है कि होली के दूसरे दिन ही लिखित शिकायत के साथ ज्ञापन सौंपे गए और आधी रात से पहले जांच के आदेश जारी कर दिए गए। माना जा रहा है कि गुर्जर आंदोलन न भडक़ उ_े, इस बात को ध्यान में रखकर तत्परता बरती गई। बताना मुनासिब होगा कि इस अंचल में गुर्जर वोट निर्णायक माना जाता है और यह बिरादरी काफी संगठित है। 
वहीं अगर फ़ौजी सतेन्द्र सिंह घुरैया की बात करें तो इनकी गिनती सभी समुदायों को साथ लेकर चलने वाले युवा नेताओं में होती है। करौना काल में घर घर रशद पहुंचा कर, निर्धन परिवार की कन्याओं का सामूहिक विवाह सम्मेलन कराकर और शिक्षा तथा खेलकूद के क्षेत्र में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन कराकर अपनी सामाजिक सहभागिता का परिचय देते रहे हैं। 
 प्रियंका और सतेन्द्र घुरैया ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन सिंह तथा वरिष्ठ अधिकारियों का आभार जताते हुए कहा है कि उन्होंने तत्परता बरतते हुए इस अंचल के सामाजिक सौहार्द्र को कायम रखा है, यह प्रशंसनीय कार्य है। अपनी ओर से दोनों ने भरोसा दिया है कि सरकार के सबका साथ के संकल्प वह जमीन पर उतारेंगे और अपनी शीतला माता टीम के साथ रचनात्मक कार्यों सदैव में सदैव भागीदार बनें रहेंगे।