मार्च में ही मई जैसी गर्मी

Mar 28 2024

ग्वालियर। मध्य प्रदेश में मार्च माह में आमतौर पर ज्यादा गर्मी नहीं पड़ती है, लेकिन मार्च के आखिरी सप्ताह में गर्मी रौद्र रूप दिखाने लगी है। बुधवार को मार्च की पहली लू जैसी स्थिति रही। बीते कुछ सालों में मौसम में बदलाव नजर आ रहे हैं। सर्दियों में मानसून जैसी बारिश वहीं मार्च में मई जैसा तापमान चौका रहा है। 
मानवीय गतिविधियों और क्रिया-कलापों से बढ़ते प्रदूषण और पेड़ों के कटान से तापमान इतना बढ़ जाएगा कि मानव जीवन पर संकट आ सकता है। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो वायु प्रदूषण के कारण कार्बनडाई आसाइड की मात्रा 50 फीसद तक बढ़ चुकी है। जिससे तापमान में 1.2 सेल्सियस अधिक बढ़ गया है। 
ताजा उदाहरण मार्च माह है। मई में चलने वाली गर्म हवाएं 31 मार्च तक चलने की सभावना मौसम विशेषज्ञ कर रहे हैं। वातावरण में अति सूखा व अति नमी के कारण  जलवायु में परिवर्तन के चलते आसमान गर्म और धरती भी गर्म हो रही है। 
मार्च 2024 की बात करें तो 36 डिग्री तक अधिकतम तापमान पहुंच गया है जबकि सामान्य तौर पर 30 से 32 डिग्री तक रहना चाहिए। मार्च में पश्चिमी विक्षोभ नहीं आया, जिससे तापमान में नमी नहीं होने से तापमान बढ़ा है। जनवरी व फरवरी में कई पश्चिमी विक्षोभ आने से अधिक वर्षा हुई थी। 
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय पश्चिमी विक्षोभ का असर है। इसके कारण आंशिक बादलों की स्थिति बन रही है। इसके साथ ही गर्म हवा आ रही है, जिससे तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। इसी के चलते गर्मी के साथ-साथ लोगों को उमस का भी सामना करना पड़ रहा है।