आचार संहिता में लाइसेंसी हथियार रखने की अनुमति के लिए आवेदन करने वालों की संख्या भड़ी

Mar 28 2024

ग्वालियर। आचार संहिता के दौरान भी अपने लाइसेंसी हथियार अपने साथ रखने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। चुनाव के दौरान अपने साथ हथियार रखने की मंशा वाले पांच सैकड़ा से अधिक लोगों ने कलेक्ट्रेट में आवेदन कर दिया है।
आवेदकों की संख्या बढऩे के पीछे एक तरफ जहां लोगों का बदमाशों से भय व आपसी रंजिश को माना जा रहा है। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो थानों में हथियारों का सही रख-रखाव नहीं होने की वजह से उन्हें जमा नहीं करना चाहते हैं।
लोकसभा चुनाव की तारीख की घोषणा होने के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। आचार संहिता लागू होने पर जिले के कलक्ेटर द्वारा आमजन के हथियारों के लाइसेंस निरस्त कर दिए जाते हैं। इसके बाद एक निश्चित अवधि निर्धारित कर जिले के सभी लाइसेंसधारी हथियारों को जमा कराया जाता है। हालांकि कुछ लोगों को हथियार जमा नहीं करने की छूट भी दी जाती है। 
इसके अलावा भी चुनाव आयोग के नियम के अनुसार इच्छुक लाइसेंसधारी अपनी परिस्थिति को बताते हुए आचार संहिता के दौरान अपने लाइसेंसी हथियार को अपने पास रखने की अनुमति मांग सकते हैं। यह अनुमति कलेक्टर की ओर से प्रदान की जाती है। 
वहीं थानों में हथियार जमा कराने का काम पुलिस द्वारा इस बार तेज गति के साथ किया गया। अब यह प्रतिशत 80 का पार कर चुका है।
31 से पहले लेना है निर्णय
लाइसेंसी हथियारों को जमा कराने के लिए जिला प्रशासन ने अंतिम तारीक 31 मार्च निर्धारित की है। वहीं जिन लोगों ने हथियार जमा न करने की अनुमति मांगी है। उन पर भी कलेटर को 31 मार्च से पहले निर्णय लेना होगा। क्योंकि यदि उसके बाद निर्णय लिया तो हो सकता है कि अनुमति मांगने वाले कुछ लोगों को अनुमति न मिले और अंतिम तारीख निकल जाने के बाद वह अपना हथियार भी जमा नहीं करा पाएगा। उस स्थिति में उस लाइसेंसधारी के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
थानों में हथियार जमा नहीं करने के पीछे एक बड़ा कारण यह भी है कि जो लोग जिस हालत में अपने हथियार थाने में जमा करते हैं। वापस लेते समय वह उस हालत में नहीं होते हैं। कई बार तो हथियारों के कुछ पुर्जे भी बदल लिए जाते हैं। हथियारों को एक ढेर में रख दिया जाता है। जिन पर धूल जम जाती है। 
हथियार जमा नहीं करने की अनुमति मांगने वाले पांच सैकड़ा से अधिक लाइसेंसधारियों ने कलेट्रेट में आवेदन कर दिया है। लेकिन कलेक्टर रुचिका चौहान ने अब तक एक भी आवेदक को अनुमति नहीं दी है। जबकि इससे पूर्व विधानसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन कलेटर अक्षय कुमार सिंह ने तीन सैकड़ा से अधिक लाइसेंसधारियों को हथियार जमा न करने की अनुमति दी थी।