रेनबो अस्पताल में 200 रुपए नहीं दिए तो बच्ची को मार दिया, बच्ची के चाचा ने लगाया आरोप

Mar 27 2024

ग्वालियर। हमने हमारी बच्ची को डिस्चार्ज करने को कहा और पैसे जमा करा दिए, लेकिन 2 सौ रुपए नहीं देने पर जिंदा बच्ची को लिफ्ट में फंसाकर जब तक रखा, जब तक वह मर नहीं गई। यह आरोप मृतक बच्ची प्रिया गुप्ता के चाचा पंकज गुप्ता ने लगाए।
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर चक्काजाम कर दिया। चंदन नगर कोटेश्वर रोड निवासी बच्ची के चाचा पंकज गुप्ता ने बताया कि बसंत विहार में संचालित होने वाला रेनबो मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में अपनी बीमार बच्ची प्रिया को उपचार के लिए उसके पिता अशोक गुप्ता ने 2 दिन पहले भर्ती किया था और उनको इस बात की गारंटी दी गई थी कि बच्ची ठीक हो जाएगी। लेकिन उसकी हालत खराब होने पर डॉक्टर को नहीं बुलाया गया और मंगलवार शाम को जब बच्ची को डिस्चार्ज करने के लिए कहा तो डॉक्टर के आने की बात कही गई।
 लेकिन बुधवार सुबह जब बच्ची की हालत पूरी तरह खराब हो गई, तो परिजनों ने डिस्चार्ज करने की बात कहीं और उसके बाद पैसे जमा कर दिए। मृतका के परिजनों ने बताया कि जिस प्रकार से उनके साथ इस अस्पताल में हुआ है उस तरह से किसी अन्य के साथ नहीं होना चाहिए, जिससे किसी का परिजन मौत का शिकार न हो जाए। 
मृतका प्रिया के चाचा ने बताया कि जब बच्ची लिफ्ट में आई तब वह जिंदा थी और वह उसको ले जाने के लिए जाने लगे, मगर 200 रुपए के लिफ्ट को आधा घंटे रोक कर रखा गया था।
रेनबो हॉस्पिटल में मौत का हो रहे हंगामे के बाद दोपहर में सीएमएचओ कार्यालय से जांच दल पहुंचा, जो कि वहां हुई मौत को लेकर परिजनों से जानकारी लेते हुए मौत के कारणों की जांच कर रहा था।
कमलाराजा अस्पताल में बच्चे की मौत, डॉक्टरों से किया झगड़ा
कमलाराजा अस्पताल में एक बच्चे की हालत खराब होने पर उसको वेंटीलेटर पर रख दिया गया था और डॉक्टरों ने कहा कि बच्चे को पानी नहीं देना है, लेकिन वहां मौजूद किसी परिजन ने उसको पानी पिला दिया और उसके बाद बच्चे की मौत हो गई, इस पर जब डॉक्टर ने इसके लिए कहा तो वहां एक व्यक्ति ने डॉक्टर को चांटा मार दिया, जिससे झगड़ा बढ़ गया।