‘वे बांते जो महिलाए चाहती है कि पुरुष समझें’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन

Mar 19 2024

ग्वालियर। हार्टबीट फाउंडेशन द्वारा वे बाँते जो महिलाए चाहती है कि पुरुष समझें विषय पर कटोराताल स्थित खुले मंच पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए आलोक बेंजामिन ने कहा की इस कार्यक्रम में पुरुषों को विशेष तौर पर इसलिए बुलाया गया है की वे इन महत्वपूर्ण बाँतो को समझे। उन्होंने ये भी कहा कि वास्तविक नारीवाद पुरुष विरोधी नहीं है। 
डॉ अदिति ने मासिक धर्म, मेनोपॉज़ एवं प्रेगनेंसी के दौरान जो मिज़ाज में उतार चढ़ाव आते है उसे महिलाओं का व्यवहार नहीं समझना चाहिये। सुश्री अंजना मसीह ने बताया कि समाज में गेरबराबरी विद्यमान है। जो महिला के जन्म से पहले और मृत्यु के बाद तक जारी रहती है। जिसे दूर किए जाने की आवश्यकता है। 
श्रीमती तुलिका शर्मा ने बताया कि स्त्रियों को भावनात्मक समर्थन की आवश्यकता होती है। सुश्री नंदिनी तोमर ने बताया कि महिलाओं को व्यक्तिगत स्पेस चाहिए होता है। सुश्री गरिमा पाण्डे ने कहा कि महिलाओं द्वारा मित्रतापूर्ण व्यवहार का मतलब ये नहीं समझना चाहिए कि वे रोमांटिक संबंध के लिए कोई सिग्नल दे रहीं है। श्रीमती माधवी सिंह ने बताया की महिला और पुरुष बराबर है और अनेक क्षेत्रों में आगे बढ़ रहीं है।
इस अवसर पर समाजसेवी विकास गोस्वामी, अर्चना बेंजामिन, संदीप जॉय, ऋषि नाथ, संजय सिंह, हेमंत निगम, अमित द्विवेदी, ज्योति चौहान, सबा रहमान, आकाश यादव, रितिक सिंह, निलेश, कादम्बरी, श्रुति, श्रद्धा आदि उपस्थित थे।