एनएसयूआई ने क्वालिटी आफ एजुकेशन को लेकर जेयू कि ख्लिाफ मोर्चा खोला

Mar 16 2024

ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय में क्वालिटी आफ एजुकेशन को लेकर एनएसयूआई बीते 6 महीने से लगातार प्रदर्शन कर रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिये एनएसयूआई ने जीवाजी विश्वविद्यालय प्रबंधन पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया। वहीं लोकपाल नियुक्ति की ऑर्डिनेंस कॉपी को फाड़ कर अपना विरोध दर्ज कराया है। 
एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय के 7 प्रमुख फर्जीवाड़े धांधली के खिलाफ जल्द ही हाईकोर्ट में पीएलआई दर्ज करते हुए सीबीआई जांच की मांग की तैयारी कर ली है ताकि दोषियों को जेल भेजा जा सके। 
इसी दौरान जीवाजी विश्वविद्यालय में लोकपाल की नियुक्ति कर दी गई। जिसको लेकर आरोप है कि विश्वविद्यालय में कुलपति और कुल सचिव ने आर्थिक लाभ लेते हुए नियम और ऑर्डिनेंस को ताक पर रखकर लोकपाल की नियुक्ति की है। जो कि सीधे तौर पर बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है। यही वजह है कि ऑर्डिनेंस कॉफी को फाड़ कर विरोध जताया गया है। 
इसी के साथ ही एनएसयूआई ने जीवाजी विश्वविद्यालय के ऑनलाइन टोकन सिस्टम के जरिए छात्रों को हो रही परेशानी को दूर करने, बीएड कॉलेज को संबद्धता नियमों के विरुद्ध मान्यता दिए जाने की जांच और ए++ ग्रेड वाली जीवाजी विश्वविद्यालय में स्थाई कुल सचिव की मांग उठाई है। 
विश्वविद्यालय के एनएसयूआई अध्यक्ष पारस यादव ने ऐलान किया है कि यदि शासन उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाता है तो ऐसी स्थिति में एनएसयूआई जीवाजी विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त सभी कॉलेज में अपने एक दल को गठित कर निरीक्षण के लिए भेजेंगे और वहां मौजूद खामियों को उजागर करते हुए हाईकोर्ट की शरण में जाएंगे।
हाईकोर्ट में पीआईएल दर्ज कर जीवाजी विश्वविद्यालय के भ्रष्टाचार को बेनकाब करने के साथ सीबीआई जांच की मांग न्यायालय से करेंगे। ताकि छात्रों को उनका हक मिलने के साथ दोषियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।