निर्धारित तिथियों पर ही करें विवाह सम्मेलन

Mar 15 2024

ग्वालियर। सामूहिक विवाह के आयोजन को फुलौरा दौज, बसंत पंचमी, अक्षय तृतीया, गंगा दशहरा, भडैया नोमी जैसे मुहूर्तों को शुभ मुहूर्त माना जाता है। इसमें होने वाले विवाह का दापत्य जीवन सुखमय व्यतीत होता है। कुछ अज्ञानता वश अपनी सुविधानुसार सामूहिक विवाह सम्मेलन बिना मुहूर्त करके सनातन संस्कृति का अपमान करते हैं। उन्हें सामाजिक कार्यों में इसका ध्यान रखना चाहिए। यह बात महामंडलेश्वर कपिल मुनि ने सकल ब्राह्मण महासमिति के तत्वावधान में आयोजित होने वाले निशुल्क ब्राहण सामूहिक विवाह समेलन के पत्रिका पूजन कार्यक्रम में कही।
 पाटनकर बाजार में श्रीराम बिल्डिंग में संगीतमय सत्यनारायण कथा पंडित गिरिराज के आचार्यत्व में हुई जिसमें ब्राह्मण समाज की एक जुटता एवं अनेकों सामाजिक कुरीतियां को रोकने पर युवा, मातृशक्ति, ज्येष्ठ श्रेष्ठ वरिष्ठ जन ने समय पर पहुंच कर धर्म लाभ लेने का संकल्प लिया। 
कार्यक्रम की रुपरेखा समेलन के संस्थापक डॉ.जयवीर भारद्वाज ने प्रस्तुत की। सकल ब्राह्मण महासमिति ग्वालियर के अध्यक्ष प्रकाश नारायण शर्मा ने कहा कि समिति ने समेलन की तिथि में परिवर्तन कर 14 जुलाई करने से समाज के भाइयों को अधिक लाभ मिलेगा। कपिल मुनि महाराज ने कहा कि दीपेश संग लाली शर्मा, धर्मेंद्र संग वीना शर्मा, नीरज संग रितु शर्मा के अभी तक रजिस्ट्रेशन फॉर्म प्राप्त हुए हैं।