भारत देश में रग्बी की एक अलग पहचान: राहुल बोस
Mar 15 2024
ग्वालियर। भारत देश में रग्बी की एक अलग पहचान है। देश के 322 जिलों में रग्बी खेला जाता है, जो इस देश के 40 प्रतिशत जिले हैं। जमीनी स्तर पर खेल का विकास इन 322 जिलों से आपको दिखाई देता है। हमारे 26 राज्य रग्बी इंडिया से संबद्ध हैं। मैं समझता हूं कि पिछले पांच वर्षों में खेल से जुड़ी सुविधाएं जिस तेजी से बढ़ी हैं उससे खिलाडिय़ों को काफी लाभ हुआ है। यह सुविधाएं पहले मौजूद नहीं थीं।
यह बात लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान में शिक्षा नीति एवं विजन-2047 के तहत आयोजित शारीरिक शिक्षा अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए रग्बी इंडिया फुटबॉल यूनियन के अध्यक्ष राहुल बोस ने कही। साथ ही रग्बी को देश के स्कूल, कॉलेज और उच्च स्तर पर ले जाने के लिए रणनीति भी बनाई गई। उन्होंने कहा कि आज भारत में जो रग्बी खेल रहे हैं, वो झुग्गी से हैं या बहुत ही गरीब परिवार से हैं। उन्होंने रग्बी को उच्च स्तर तक पहुंचाने के लिए एलएनआईपीई का भी योगदान किस प्रकार रहे इस पर प्रकाश डाला। साथ ही राहुल बोस द्वारा संस्थान के खिलाड़ी छात्रों द्वारा ली जाने वाली डाईट के बारे में चर्चा की और उस डाईट को भी उन्होंने छात्रों के के साथ मिलकर गृहण किया।
कार्यक्रम में इंग्लैंड के ट्रेवर स्मिथ (वाइस चेयर आईपीएल) व हेमंत दुआ एवं मुकुल चौधरी, संस्थान की कार्यवाहक कुलपति प्रो. इन्दु बोरा मौजूद थे।
सम्मेलन में इंग्लैंड से आए ट्रेवर स्मिथ ने फिजिकल लिटरेसी के संबंध में बताया कि भारत या विदेश में कैसे फिजिकल लिटरेसी प्रोग्राम को चलाया जाए। साथ ही उन्होंने यह बताया कि इंग्लैंड में या अच्छे प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहे हंै। वहीं एड्रेस स्कंद बाली बोर्ड ऑफ गवर्नर्स द हैदराबाद पब्लिक स्कूल के प्राचार्य ने कहा कि एलएनआईपीई फिजिकल एज्युकेशन में महत्वपूर्ण योगदान रखता है।
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुये पैनल डिस्कशन शुरू हुआ। साथ ही अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुये विभिन्न देशों से आये विशेषज्ञों ने खिलाड़ी छात्रों का मनोबल बढ़ाया साथ ही संबंधित क्षेत्र से जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में सांस्कृतिक कार्यक्रम में संस्थान के छात्रों द्वारा विभिन्न प्रकार की प्रस्तुतियॉं प्रस्तुत की गई।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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