निगम सफाई कर्मचारियों को नियमित करने व आउटसोर्स कर्मचारियों को मर्ज करने दिया धरना

Mar 14 2024

ग्वालियर। नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को नियमित करने तथा आउटसोर्स कर्मचारियों को नगर निगम में मर्ज किए जाने की मांग को लेकर गुरूवार को निगम के सफाई कर्मचारियों ने मध्यप्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के पूर्व सदस्य पप्पू बड़ोरी के नेतृत्व में डॉ. अंबेडकर उद्यान के बाहर धरना दिया। 
इस अवसर पर पप्पू बड़ोरी ने कहा कि नगर निगम की कांग्रेस शासित सरकार की महापौर डॉ.शोभा सिकरवार चुनाव पूर्व जो वादे किए थे उन्हें पूरा करें। उन्होंने कहा कि गुरूवार का हमारा धरना निगम की कांग्रेस सरकार को चेतावनी है। अगर उन्होंने अपने वचन पत्र को पूरा नहीं किया तो सफाई कर्मचारी अपना आंदोलन शुरु कर शहर की सफाई व्यवस्था को ठप कर सकते हैं।
आयोग के पूर्व सदस्य पप्पू बडोरी ने कहा कि नगर निगम में जब तक ठेकेदारी प्रथा लागू नहीं थी तब तक शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर थी। सफाई व्यवस्था ठेके पर दिए जाने के बाद शहर की सफाई व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि नगर निगम चुनाव के पूर्व कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में विनियमित कर्मचारियों को नियमित करने तथा ठेका प्रथ समाप्त करने का वचन दिया था एवं निगम के आउट सोर्स कर्मचारियों को निगम में नियमित करने की बात की थी, लेकिन दो साल बाद भी इस संबंध में कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। 
उन्होंने कहा कि शहर का क्षेत्र लगातार बढ़ता जा रहा है उस दृष्टि से सफाई कर्मचारियों की कमी भी निगम में हो गई है। इसलिए निगम सफाई कर्मचारियों की भर्ती करे जिससे कि जो क्षेत्र सफाई व्यवस्था से छूटे हुए हैं वहां भी सफाई व्यवस्था प्रारंभ हो सके और लोगों को गंदगी से राहत मिल सकेगी।
धरना दे रहे सफाई कर्मचारियों द्वारा 1200 रिक्त पदों पर आउटसोर्स कर्मचारियों को विनियमित किए जाने की मांग की गई है। इसके अलावा निगम में तीन हजार सफाई कर्मचारियों की भर्ती करने, अनुकंपा नियुक्ति के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा इन कम्रचारियों के परिवारों को समय पर उनके भुगतान करने, सफाई कर्मचारियों को समयमान वेतनमान लगाकर एरियर का भुगतान करने, शिक्षित कर्मचारियों को पदोन्नति दिए जाने तथा कर्मचारियों को 1 से 5 मार्च तक वेतन का भुगतान किए जाने की मांग की है। 
पूर्व सदस्य अशोक वाल्मिक ने कहा कि अगर उनकी मांगों को शीघ्र नहीं माना गया तो सफाई कर्मचारी शहर में बडा आंदोलन कर सकते हैं।