संदेशखाली और राजधर्म पर ओजस्विनी की परिचर्चा आयोजित

Mar 11 2024

ग्वालियर। ओजस्विनी विचार मंच द्वारा संदेशखाली और राजधर्म विषय पर मासिक परिचर्चा आयोजित की गई। जिसमें 45 बहनों ने सहभागिता की। कार्यक्रम की मुख्य वक्त डॉ शशि ठाकुर एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर राजरानी शर्मा ने की। 
बहनों द्वारा अपने विचार रखते हुए कहाकि हमारा समाज अर्थ प्रधान होता जा रहा है हमें भावना प्रधान होने की आवश्यकता है। अहिल्याबाई लक्ष्मीबाई दुर्गावती के मानक को स्थापित करने की आवश्यकता है। छोटी-छोटी घटनाओं पर सवाल उठना होगा जिससे संदेश खाली जैसी बड़ी घटनाएं अपना रूप ही ना ले सकें। यह सिर्फ स्त्रीयों से संबंधित ही विषय नहीं है यह समाज का विषय हैं जहां हमारे देश की महिलाएं ऊंचाइयों को छू रही हैं महिलाओं के लिए इतने कानून बना रहे हैं। 
वहां आज इस समय में इस तरह का घटनाक्रम होना चित्त को विचलित कर झकझोर देता है पूरे मध्य भारत की बहने उठ खड़ी हुई है और  उन्होंने अपना आक्रोश प्रकट किया है। संदेश खाली में केवल महिलाओं को ही प्रताडि़त नहीं किया अपितु पूरे जनजाति वर्ग को प्रताडि़त किया गया है उन महिलाओं के साहस को प्रणाम इतनी विसंगतियां में भी उन्होंने अपना साहस नहीं खोया उन सभी महिलाओं की मानसिक और शारीरिक चिकित्सा की व्यवस्था होनी चाहिए उनकी जमीनी वापस देनी चाहिए। उन्होंने कहां न्यायपालिका तक बात पहुंचाने की देर है वह अवश्य ही इसमें संज्ञान लेंगे न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास है। इस घटना से पूरी स्त्री जाति आघात हुई है।
हमें बेटों को संस्कार और बेटियों को सम्मान देने की आवश्यकता है हम सभी को अपने अंदर दुर्गा शक्ति को जागृत करना होगा। लक्ष्मीबाई दुर्गावती अहिल्याबाई के चरित्रों के मानक स्थापित करने जरूरत है अपने आसपास संदेश खाली जैसे स्थान को पहचान कर उन पर संज्ञान लेकर  उनका विरोध करना होगा। संदेश खाली जैसी घटनाएं महिलाओं के जागरण का शंखनाद है। 
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती नीता शुक्ला ने किया। कार्यक्रम की प्रस्तावना श्रीमती सरोज मिश्रा ने रखी एवं गीत की प्रस्तुति श्रीमती पल्लविका चौधरी द्वारा की गई। परिचर्चा में श्रीमती अलका प्रधान, श्रीमती निरुपमा शर्मा (इंदौर), श्रीमती आशा शर्मा (दिल्ली), श्रीमती साधना पालीवाल, श्रीमती अर्पणा शर्मा, श्रीमती मीना शर्मा, डॉ. ऋतु नामधारी आदि मौजूद रहीं।