जूली ने 26 अनाथ बेटियों की परवरिश कर पढ़ाया लिखाया,10 की शादी कराई

Mar 08 2024

ग्वालियर।  8 मार्च अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। महिला सशक्तिकरण के लिए आज दुनियाभर में ये दिन मनाया जा रहा है। आज के दिन ग्वालियर की जूली का नाम न लिया जाए तो दिन फीका नजर आएगा। जूली अनेजा ने महिलाओं को सशक्त बनाने का ऐसा बीड़ा उठाया कि आज वे ‘जूली मां‘ के नाम से जानी जाती है।
जूली को अनाथ बेटियों की परवरिश और सेवा का इतना जुनून है कि, जुली अब तक 26 बेसहारा बच्चियों को पाल चुकी है। इसके साथ ही जुली ने अब तक पाली गई 10 बेटियों की शादी की है। 10 बेटियां पढ़ लिखकर नौकरी कर रही हैं, वहीं 6 बेटियां अभी घर में पल रही है। जुली स्वर्ग सदन सेवा आश्रम के 100 से ज्यादा असहाय लोगों के लिए हर रोज खाना बनाकर भी देती है।
ग्वालियर में रहने वाली जूली का बचपन कई अभावों में गुजरा था, उस समय जुली ने मन मे ठान लिया था कि जब वह सम्पन्न होगी तो अनाथ बेटियों के लिए वह काम करेगी। साल 2018 में जुली 2 बेसहारा बेटियों को अपने घर लेकर आई उनकी परवरिश की। इसके बाद ये सिलसिला चलता रहा।
जूली अनेजा के काम में उनके पति कमल अनेजा भी सहयोग करते हैं। पति कमल कहते हैं कि हमारे पास अब तक 26 बेटियां आ चुकी है। जब तक हमारा जीवन है तब तक बेटियों का पालन करते रहेंगे। भगवान ने उन्हें कोई बहन नही दी, उनके भी कोई बेटी नही हुई, लेकिन ईश्वर ने एक साथ इतनी बेटियां दे कर मन खुशी से भर दिया।
जूली के घर साल 2018 में सबसे पहले काजल पहुंची थी। बिन मां बाप की बच्ची काजल की उसके रिश्तेदारों ने बचपन में ही उसकी शादी ज्यादा उम्र के लडक़े से कर दी थी। जूली ने 2018 में काजल के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी और फिर उसकी शादी शून्य घोषित कराई। काजल को पढ़ाया लिखाया और फिर बालिग होने पर अच्छा लडक़ा देखकर उसकी शादी कर दी। 
काजल कहती है कि उसने मां तो नहीं देखी लेकिन मां होती तो जूली मां से बेहतर नहीं होती। तो वहीं जूली के घर में पल रही सोनम कहती है कि बचपन में उसके सिर से माता पिता का साया उठ गया था। लेकिन जब से वो इस घर में आई है उसे मां की कमी महसूस नही हुई। सोनम कहती है कि उनकी तमन्ना है कि वह भी अपनी मां जूली की तरह ही बने और बेटियों के साथ ही समाज की सेवा का काम करें।