उपाध्यायश्री ने मंत्रो से नवीन स्वर्णमय वेदी में भगवान पार्श्वनाथ को किया विराजित

Mar 07 2024

ग्वालियर। ग्राम चराई रेंहट में स्थित 150 सौ साल पुराना प्राचीन दिगंबर पार्श्वनाथ जैन मंदिर दो दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा एवं कलशारोहण समारोह उपाध्यायश्री विहसंत सागर महाराज और मुनिश्री सौम्या सागर महाराज के मंगल सानिध्य में गुरुवार को समापन हो गया। अंतिम दिन नवीन स्वर्णमय वेदी में भगवान पार्श्वनाथ की प्राचीन प्रतिमाएं को स्थापित किया गया। मंदिर के शिखर कलशारोहण और जैन ध्वजों की स्थापना के साथ शोभायात्रा भी गाजेबाज के साथ निकली गई।
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि महोत्सव के दूसरे दिन उपाध्यायश्री विहसंत सागर महाराज के सानिध्य व प्रतिष्ठाचार्य संदीप जैन एवं सह प्रतिष्ठाचार्य शुभम जैन ने मंत्रो से इंद्रो ने भगवान जिनेंद्र का कलशों से जयकारों के साथ अभिषेक किया। 
वेदी प्रतिष्ठा के समापन पर ग्राम चराई पार्श्वनाथ जैन मंदिर से स्वर्ण पालकी में भगवान जिनेंद्र को विराजमान कर शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में पुरुष कंधे पर पालकी लेकर चल रहे थे। वही डीजे और ढोल ताशे की धुन पर बालिकाएं और महिलाएं भक्ति नृत्य कर रही थीं। शोभायात्रा में जैन समाज के लोगों ने श्रीजी की दीपों से आरती उतारी। शोभा यात्रा मंदिर शुरू होकर ग्रामीण में घूमकर वापस मंदिर  पहुंची।