केएस ग्रुप नाम से फर्जी चिटफंड कंपनी संचालित हो रही,पुलिस नहीं कर रही सुनवाई
Mar 06 2024
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में केएस ग्रुप नाम से फर्जी चिटफंड कंपनी संचालित हो रही है। यह चिटफंड कंपनी ठेला व्यापारियों और मजदूरों को 10 से 20 हजार रुपए ब्याज पर उधार देती है और उनसे 500 रुपए रोजाना वसूल करती है। इस कंपनी का कर्ताधर्ता रुपए उधार देने से पहले मजदूर और ठेला व्यवसाईयों से कोरे स्टांप पर साइन करवाता है और ब्लैंक चेक ले लेता है। इस मामले में शिकायत मिलने के बाद अफसरों ने मुरार पुलिस को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता अजीत सिंह ने एक फर्जी चिटफंड कंपनी के खिलाफ दस्तावेजों के साथ पुलिस से शिकायत की। अजीत ने शिकायत में बताया कि हजीरा इलाके में रहने वाला कमलेश शिवहरे सूदखोरी का काम करता है, जिसके आतंक से सैकड़ों लोग परेशान है। कमलेश ने केएस ग्रुप नाम से फर्जी चिटफंड कंपनी बना रखी है। इस कम्पनी की आड़ में कमलेश ठेलेवाले और मजदूरों को 10 से 20 हजार रुपए ब्याज पर देता है और रोजाना 500 रुपये वसूल करता है।
अजीत का कहना है कि सूदखोर कमलेश इतना शातिर है कि वह गरीब ठेले वाले और मजदूरों से रुपया देने से पहले कोरे स्टांप पर दस्तखत करवा लेता है और ब्लैंक चेक ले लेता है। जब कोई ठेले वाला या मजदूर रुपया नहीं दे पता तो यह उनके चेक को भरकर बैंक में लगाता है। कर्जदार के खाते में रुपए न होने के चलते चेक बाउंस होता है तो फिर ये कोर्ट में केस लगा देता है, जिससे उधार लेने वाले मजदूर या ठेले वाले को भारी संकट से जूझना पड़ता है। अजीत का कहना है कि वह थाने गया लेकिन पुलिस ने उसकी सुनवाई नहीं कि आखिरकार उसने एसपी की जनसुनवाई में आकर शिकायत की।
इस मामले में अशोक सिंह जादौन ने बताया कि मुरार इलाके में रहने वाले ठेले और वेंडर ने शिकायत की है जिसमें कुछ लोग केएस ग्रुप नाम से उधार देने का काम करते हैं, फिर यह कर्जदारों से वसूली के लिए अनैतिक तरीके इस्तेमाल करते हैं। इसमें शिकायत मिली है कि यह फर्म फर्जी है जो रजिस्टर्ड नहीं है, लेकिन ब्याज पर रुपए देने का काम करती है। इस मामले में मुरार थाना प्रभारी को जांच कर वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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