संगीत-महफि़ल में गूंजे सुरों के मधुर स्वर

Mar 06 2024

ग्वालियर। संगीत की अपनी तासीर है। कहते है सच्चे सुर पत्थर को भी पिघला सकते हैं। सुरों की ऐसी ही तासीर आज महाराज बाड़े के ऐतिहासिक टाउन हॉल में नुमायाँ हुई। जिला प्रसाशन व स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन के सयुंक्त तत्वाधान में सप्ताह के हर मंगलवार संगीत से स्वास्थ्य, एक सुरमयी अहसास कार्यक्रम श्रृंखला के तहत प्रथम मंगलवार सुरक्षा बलों के नाम संगीत सभा मे सुरों ने ऐसा जादू किया कि श्रोता उसमें मंत्रमुग्ध हो गए। 
कार्यक्रम में सुविख्यात संगीत साधक पं उमेश कम्पू वालो द्वारा शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय गायन की एक से बढक़र एक प्रस्तुति दी गई। संगीत महफि़ल में पंडित उमेश कंपूवाले ने अपनी पहली प्रस्तुति कर्नाटक संगीत और दक्षिण भारत के प्रचलित राग चारुकेशी में दर्शन दीजो आओ तेरे द्वार से की जिसके बाद उनकी ठुमरी, दादरा, भजन की प्रस्तुतियो ने ऐसा समा बांधा की सभी श्रोतागण को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शुरू में स्मार्ट सिटी की सीईओ श्रीमती नीतू माथुर, विशेष रूप से उपस्थित आर्मी से ब्रिगेडियर संजीव साहरन, एयरफोर्स से केडो अचइन पिल्लई, बीएसएफ से डीआईजी विनीत कुमार, डीआईजी कर्नल अजीत सिंह, ग्रुप कप्तान एयरफोर्स जीराजा विजय व रेडक्रास के सेक्रेटरी नवल शुक्ला ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। 
इस अवसर पर स्मार्ट सिटी की सीईओ श्रीमती नीतू माथुर ने कहा कि हमारा मकसद संगीत को बढ़ावा देने के साथ उसे पर्यटन से जोडऩे का है ताकि बाहर से आने वाले पर्यटक यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जान सके। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में संगीत से जुड़े ऐसे ओर कार्यक्रम होंगे। ताकि संगीत नगरी ग्वालियर की पहचान को बल प्रदान किया जा सके। वही बीएसएफ से डीआईजी विनीत कुमार ने अपने उद्बबोधन में कहा कि तानसेन नगरी ग्वालियर का नाम आते ही हर किसी के मन मस्तिष्क में सुर के तार अपने आप बज उठते है उन्होंने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि बीएसएफ के अधिकारी जवान भी इस तरह के आयोजन में आगे अपनी शिरकत करेगे। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा संगीत कलाकारों का श्रीफल शाल और स्मारिका देकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर सुरक्षा बल के जवान व अधिकारी और उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन संस्कृति कर्मी अशोक आनंद ने किया व आभार स्वदेश दर्शन के नोडल अधिकारी शिशिर श्रीवास्तव ने किया।