संस्कार मंजरी का बंसतोत्सव सम्पन्न

Feb 26 2024

ग्वालियर। चहचहाते पक्षियों के गुंजन और लहलहाते हरभरे वृक्षों के सानिध्य में संगीत की सुर लहरियो ढोलक की थापों गीतो और कविताओं के साथ संस्कार मंजरी के वंसतोत्सव का आयोजन नसिया बगीची में  सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गीतकार घनश्याम भारती, विशिष्ट अतिथि आलोक शर्मा व अध्यक्षता साहित्यकार गिरिजा कुलश्रेष्ठ रहीं। संचालन एवं संयोजन कवियत्री पुष्पा मिश्रा ने किया। 
अतिथियो द्वारा दीप प्रज्ज्वलन उपरांत सरस्वती वंदना मुक्ता सिकरवार ने की संस्था का परिचय एवं कार्यक्रम की भूमिका रखते हुए संस्कार मंजरी संस्थापिका नीलम जगदीश गुप्ता ने कहा कि सहजता न रहे तो जीवन तनावमय हो जाता है। इसी सहजता सरलता के साथ नागरिक मूल्यों के विकास और खुशिया बांटने के गिलहरी प्रयासों में सस्थां अपने तपस्वी सदस्यों के साथ जुटी है।
कार्यक्रम के प्रथम चरण में ढोलक की थापों पर भजनों और प्रकृति गीतों का गायन किया गया जिसमें जगदीश महामना, राजकिशोर राज, आरती अक्षत, सीता पवन चौहान, ऊषा सिकरवार, घनश्याम भारती, गिरिजा कुलश्रेष्ठ, आलोक शर्मा, मुक्ता सिकरवार, पुष्पा मिश्रा आनन्द, पुष्पा शर्मा, जीतू राजपूत, नीलम शुक्ला ने अपने वक्तव्य प्रस्तुत किए। अन्त में आभार प्रदर्शन विनीता जैन ने किया। इस अवसर पर मंजू गोयल, अंजना मिश्रा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।