आत्मबल को केंद्रित कर शक्ति संचार करती है आस्था:पद्मश्री सत्येन्द्र

Feb 22 2024

ग्वालियर। ईश्वर में आस्था आत्मबल को केंद्रित कर शक्ति का संचार करती है और फिर यही शक्ति सफलता का पर्याय बनती है। यह मान्यता है तैराकी में विश्व कीर्तिमान स्थापित करने वाले दिव्यांग तैराक सत्येन्द्र सिंह लोहिया की। अभी हाल ही में पद्मश्री से नवाजे गए सत्येन्द्र ग्वालियर के गगन प्लाजा में आयोजित एक विचार गोष्ठी में बोल रहे थे। गोष्ठी का आयोजन शीतला माता टीम के संयोजक सतेन्द्र सिंह घुरैया ने किया था जहां लोहिया को शॉल श्रीफल और अयोध्या के श्रीराम मंदिर की स्वर्ण मंडित अनुकृति भेंट कर कुंवर संतोष सिंह, धर्मसिंह बिजौल, धर्मवीर सिंह, सुमित सिंह, सूरजभान सिंह और इंजीनियर सुरेन्द्र सिंह ने किया। कुंवर संतोष सिंह ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम पर अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत किया और कहा कि श्रीराम का नाम और संकीर्तन मन को निर्मल कर व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। वहीं धर्मसिंह बिजौल ने भगवान बुद्ध द्वारा उद्घाटित पंचशील की शक्ति का उल्लेख किया और कहा कि पूर्ण मानव की पात्रता के लिए पंचशील का अनुगमन आवश्यक है।
फ़ौजी सतेन्द्र सिंह ने शक्ति को परिभाषित किया और सकारात्मक शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि यही एकमात्र शक्ति है जो जगत कल्याण करती है। उन्होंने कपने फ़ौजी जीवन के अनुभव साझा किए और बताया कि विषम परिस्थितियों में जब जब उन्होंने शीतला माता का ध्यान किया तब तब चमत्कार हुआ। आश्चर्यजनक ढंग से समस्या का हल निकल गया। 
उल्लेखनीय है कि सत्येन्द्र सिंह लोहिया दोनों पैरों से लाचार हैं बावजूद उन्होंने अपने बाहुबल से न केवल इंग्लिश चैनल बल्कि बर्फिले पानी की कैटलीना चैनल को भी आर पार कर विश्व कीर्तिमान रचा है । इसी के चलते प्रदेश सरकार की अनुसंशा पर उन्हें पद्मश्री के लिए भारत सरकार ने चुना है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी सराहा है। गर्व की बात है कि सत्येन्द्र सिंह लोहिया का ताल्लुक भिंड के एक छोटे से गांव से है और उनका अभिनंदन प्रदेश सरकार के मुखिया डॉ मोहन सिंह यादव भी कर चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन सिंह ने भी माना है कि ईश्वर में आस्था आत्मबल बल का संचार करती है। उधर भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने भी पद्मश्री सत्येन्द्र को इस वीर प्रसूता भूमि का गौरव मानते हुए खेल क्षेत्र में उनके अनुभवों का लाभ लेने का एलान किया है।