व्यापार मेला में संस्कृति गार्डन के टेंट गोदाम में लगी आग, लाखों का सामान जला

Feb 13 2024

ग्वालियर। ग्वालियर व्यापार मेला स्थित संस्कृति गार्डन की तीन बंद दुकानों में शॉर्टसर्किट से भडक़ी आग ने दुकानों के अंदर रखा हजारों रुपये कीमती टेंट का सामान जलकर खाक हो गया। सूचना मिलते ही चार दमकल गाडियां मौके पर पहुचीं और तीन गाड़ी पानी फैंक कर आग पर काबू पाया।
फायर अधिकारी डॉ. अतिबल सिंह यादव ने बताया कि मेला परिसर में संस्कृति गार्डन में तीन दुकानें बनी हुयी हैं जो पिछले तीन दिन से बंद पडी थी। गार्डन में बीती रात विवाह समारोह का आयोजन भी हुआ था। और मंगलवार सुबह के समय बराती और घराती लोग चाय नाश्ता कर रहे थे। उसी दौरान उन्होंने दुकानों से धुआं का गुवार उठते देखा और उसकी सूचना दमकल अमले को दी। मौके पर पहुंची दमकल की तीन गाडियों से पानी फायर कर आग पर काबू पाया गया। और बडा हादसा होने से टल गया। 
बताया गया है कि तीन दुकानों को संस्कृति गार्डन वालों को अपना गोदाम बनाया हुआ था जिनमें आयोजित होने कार्यक्रमों में उपयोग में लाये जाने वाला टेंट और सजावट आदि सामान भरा हुआ था। दो दुकानों में भरा हुआ टेंट सामान जलकर खाक हो गया। जबकि एक दुकान में भरा सामान बच गया। 
गोदाम में आगजनी की घटना सुबह होने और वहां बाराती और घराती की मौजूदगी के कारण समय रहते आग की सूचना दमकल विभाग को मिल जाने से आग पर काबू पा लिया गया अन्यथा आग विकराल रुप धारण कर मेले की अन्य दुकानों को अपनी चपेट में ले लेती और बडे रुप में हानि होने की आशंका पूरी तरह से कारित हो जाती।
चूंकि मौके पर गार्डन संचालकों के मौजूद नहीं होने के कारण कुल कितना सामान जलकर खाक हुआ और उस सामान का क्या मूल्य रहा रहा होगा इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है। फिलहाल मेला प्रशासन की एक और लापरवाही सामने आयी है।
इधर मेला प्रशासन के द्वारा मेले में आग पर काबू पाने के लिए किसी प्रकार के सुरक्षा इंतजामात नहीं किये है। इस कारण भविष्य में मेले में लापरवाही के चलते कभी भी कोई बडा और गंाीर हादसा हो सकता है।
मेले के रास्तों पर ठेले वालों का अतिक्रमण
मेला प्रबंधन की लापरवाही का यह एक नमूना है। मेले में पहले भी कई बार आग लग चुकी है। लेकिन मेला प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं देता है। मेले में सडकों पर हाथ ठेले पर दुकानें लगाने वाले लोगों ने पूरी तरह से अतिक्रमण कर रखा है। ऐसे में यदि इस प्रकार की कोई घटना घटित हो जाती है तो वहां तक दमकल गाडियों का पहुंच पाना मुश्किल होगा। लेकिन मेला प्रशासन अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई काईवाई नहीं करता।