महादजी सिंधिया ने छत्रपति महाराज का हिंदवी स्वराज का सपना पूरा किया:सिंधिया

Feb 12 2024

ग्वालियर। सिंधिया रियासत के शासक महादजी सिंधिया की सोमवार को पुण्यतिथि पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उनकी मूर्ति पर माल्यर्पण किया। इस मौके पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि महादजी सिंधिया ने छत्रपति महाराज का हिंदवी स्वराज का सपना पूरा किया। 
सिंधिया ने कहा कि मराठा फौज ने देश के लिए अपने जीवन का बलिदान किया। मेरे परिवार के 16 पूर्वजों ने देश के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। महादजी सिंधिया पानीपत की तीसरी लड़ाई में एक ही वंशज बचे थे। रणभूमि में एक पैर कटने के बाद अपाहिज होने के बाद भी, दोबारा से सेना को खड़ा करके, अटक से कटक तक मराठा साम्राज्य की स्थापना की।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि 10 फरवरी 1771 एक हिंदू राजा ने पहली बार लाल किले पर झंड़ा फहराया। एक भारत-श्रेष्ठ भारत के लिए महादजी सिंधिया ने 32 साल तक राज्य किया। उनकी विचारधारा थी कि आक्रमणकारियों को भारत के बाहर रोकना होगा। अग्रेजों ने अपनी किताब में भी लिखा था। देश में राज करने में सबसे बड़ा कांटा महादजी सिंधिया है।
उन्होंने कहा, महादजी सिंधिया ने अपना सम्राज्य नहीं बनाया। छत्रपति शिवाजी का सपना सकार किया। यमुना से पहली बार दिल्ली को पानी, सीवर, हिंदू अस्पताल उनके कार्यकाल में मिला। आध्यत्मिक शक्ति को पूर्ण जीवंत करने में काशी, मथुरा, इलाहबाद में मंदिर घाट की स्थापना महादजी सिंधिया ने की। आज उनकी स्मृतियों को मैनें नमन किया है।
वहीं ग्वालियर में बंद हुई नैरोगेज के लिए बेहतर प्लान बनाने की बात भी सिंधिया ने कही है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर से श्योपुर और कोटा तक ब्रॉड गेज ट्रैक बन रहा है। अब हमारी विरासत नैरोगेज के लिए भी ग्वालियर में फिजिबिलिटी देख रहे हैं। इस पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।
केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कतर से लौटे भारतीय नौसेना के सात पूर्व अधिकारियों पर कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने पिछले दस साल में ऐसा कई बार कर दिखाया है। उन्होंने दिखा दिया है कि वह सिर्फ प्रधानमंत्री ही नहीं बल्कि प्रधान सेवक व प्रधान रक्षक भी हैं। यूक्रेन में भी फंसे भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने के लिए हमारे प्रधानमंत्री ने साफ नजरिया रखा था। जब तक एक-एक छात्र को वापस नहीं ले आए तब तक राहत की सांस नहीं ली। पिछले दस साल में कई बार उन्होंने ऐसा कर दिखाया है।