औद्योगिक एवं व्यापारिक समस्याओं के समाधान में समाचार-पत्रों की भूमिका विषय पर परिचर्चा आयोजित

Feb 07 2024

ग्वालियर। कॉन्फ्रेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया टेड्रर्स (कैट) ग्वालियर के तत्वावधान में इंटरनेशनल सेंटर ऑफ मीडिया एक्सीलेंस (आईकॉम) पर औद्योगिक एवं व्यापारिक समस्याओं के समाधान में समाचार-पत्रों कभूमिका विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। 
परिचर्चा में मुख्य वक्ता संपादक महेश कुमार थे। जबकि मप्र चेंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष वीके गंगवाल एवं वरिष्ठ पत्रकार डॉ. केशव पाण्डेय अतिथि वक्ता के तौर पर मौजूद थे। इस दौरान कैट के पदाधिकारियों एवं शहर के उद्योगपतियों व व्यापारियों ने कारोबार में आने वाली परेशानियों से अवगत कराया। वहीं वक्ताओं ने शहर के विकास और अंचल के प्रति बने लोगों के दृष्टिकोण को बदलने पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन कैट के दीपक पमनानी ने तथा आभार व्यक्त मनोज चौरसिया ने किया। इस दौरान कार्यक्रम नीरज चौरसिया, अंशुल गुप्ता एवं रवि गुप्ता ने अतिथियों को स्मृति-चिंह एवं शॉल-श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया।  
मुख्य वक्ता महेश कुमार ने कहा कि ग्वालियर के पास पर्यटन और उद्योग को बढ़ावा देने की लिगेसी (विरासत) है। एक बार जहां पैसा आना शुरू होता है तो शहर की संपन्नता बढ़ती है। इसके लिए जरूरी है कि उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए और व्यापारियों के हितों का संरक्षण किया जाए। इससे व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और उससे शहर की तरक्की होगी। क्योंकि व्यापार के विकास से ही शहर की तरक्की संभव है। 
कैट के प्रदेश अध्यक्ष एवं मार्गदर्शक भूपेंद्र जैन ने कहा कि एक जमाना था तब माधवराव सिंधिया ने शहर में उद्योग जगत को नई पहचान दिलाई थी। उद्योगपतियों या व्यापारियों के साथ किसी भी प्रकार की घटना घटित होने पर स्वयं खड़े नजर आते थे। आज हालात बदतर हो गए हैं। 25 वर्षों में शहर जितना बढऩा चाहिए था उस गति से नहीं बढ़ा। व्यवसाय बढ़ा लेकिन व्यापारियों में भय और पीढ़ा भी बढ़ी। युवाओं को अवसर नहीं मिल रहे हैं। प्रतिभा पलायन कर रही है। व्यापारियों में खौफ है। ऐसे में शासन और प्रशासन को चाहिए कि उनकी मदद के लिए हाथ बढ़ाए। 
वक्ता डॉ. केशव पाण्डेय ने कहा कि मीडिया उद्योगपतियों और व्यापारियों की समस्याओं को उजागर करता है। शासन-प्रशासन पर दबाव बनाता है लेकिन समाचार-पत्र की एक मर्यादा है। जो काम नेता और अफसरों को करना है उसे पूरा कराने का ठेका अखबार नहीं ले सकता है। इसके लिए उद्योगपतियों को चाहिए कि जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाएं। 
उद्योगपति वीरेंद्र गंगवाल ने एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि तीन दशक पहले की बात है, जब एक फैक्ट्री में ब्लास्ट हो गया था। माधवराव सिंधिया को इस बात की खबर लगी तो उन्होंने दो घंटे के अंदर एक हवाई जहाज भेजा और वह सभी झुलसे हुए श्रमिकों को लेकर जब दिल्ली पहुंचा तो स्वयं सिंधिया वहां उन्हें लेने पहुंचे और उनका उपचार कराया। इंदौर के एक प्रमुख समाचार-पत्र ने शहर की दशा और दिशा बदलने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। ग्वालियर का औद्योगिक वैभव समाप्त हो रहा है लेकिन महाराज बाड़ा वैभव की तस्वीर पेश कर रहा है। हम पर्यटन की दृष्टि से औद्योगिक विकास में अपनी भूमिका निभा सकते हैं। समाचार-पत्रों को चाहिए कि वे सकारात्मक सोच के साथ ग्वालियर के विकास में अपना योगदान दें। सभी के साझा प्रयासों से ही एक बार पुन: ग्वालियर अंचल तरक्की की ऊॅंचाईयों पर पहुंच सकेगा। 
कार्यक्रम में दिलीप खंडेलवाल, अजय चौपड़ा, अनुराग जैन, कविता जैन, रवि गुप्ता, डॉ. प्रमोद पहाडिय़ा, गोपाल जायसवाल, मुकेश जैन, योगेश अग्रवाल, आकाश जैन, संजय नीखरा, आलोक आहूजा, सौरभ जैन, अमित अरोरा, दीपक वाजपेयी, प्रतीक अग्रवाल, मनोज अग्रवाल एवं जेपी गोयल प्रमुख रूप से मौजूद थे।