मप्र बिजली के निजीकरण और प्रीपेड स्मार्ट मीटर के विरोध में विरोध प्रदर्शन

Feb 06 2024

ग्वालियर। मप्र बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन ग्वालियर इकाई द्वारा मंगलवार को फूलबाग चौराहे पर बिजली बिल-2022, बिजली के निजीकरण और प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मप्र बिजली उपभोक्ता संगठन के ग्वालियर जिला अध्यक्ष व कानूनी सलाहकार केके शर्मा ने कहा की मप्र में पर्याप्त मात्रा में बिजली का उत्पादन होने के बावजूद प्रदेश की गरीब जनता को उसका लाभ नहीं मिल रहा है। बिजली के निजीकरण की नीति के तहत मप्र के बिजली विभाग को अदानी समूह को सौंपा जा रहा है। 
जिसके कारण यह आम जनता की पहुंच से दूर हो जाएगी, जबकि पहले से ही आम आदमी महंगाई के बोझ से दबा हुआ है। इसी नीति का परिणाम है कि मप्र सरकार ने घोषणा की है कि लोकसभा चुनाव के बाद प्रदेश में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
आमसभा को संबोधित करते हुए पूर्व कार्यपालक अभियंता बीएल उमराव ने कहा कि बिजली आधुनिक अर्थव्यवस्था व सभ्यता के विकास मुख्यशक्ति और जीवन रेखा है। बिजली आज आम आदमी की मूलभूत जरूरत बन गई है। आजादी के बाद ऊर्जा मंत्री रहे डॉ.भीमराव अंबेडकर ने कहा था देश के औद्योगिकरण और विकास के लिए सस्ती और सुलभ बिजली उपलब्ध करवाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस उद्देश्य को ध्यान में रखकर गरीबों, किसानों व आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों  को विशेषरूप से सब्सिडी उपलब्ध कराई जाती रही है।
परन्तु वर्तमान में इंतामम नीतियों के कारण सरकारों के मंसूबों पर सवाल उठता है तथा बिजली बिल- 2022 उसे और अधिक पुख़्ता कर देता है। जबकि देश में इस बिल का विरोध तमाम क्षेत्रों से लगातार किया जा रहा है। बिजली कंपनी के कर्मचारी, किसानों और देश की आम जनता ने विशेष रूप से इसको लेकर अपना विरोध दर्ज करवाया है। 
प्रदर्शन में श्रीमती रचना अग्रवाल, धीरेंद्र शिवहरे, आरआर गुप्ता आदि मौजूद रहे।