जिला अस्पताल एवं सिविल अस्पतालों को भी और सशक्त बनाया जाएगा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

Feb 06 2024

ग्वालियर। एक हजार बिस्तर अस्पताल के लोड को कम करने के लिए जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पताल और ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों का उन्नयन किया जाना जरूरी है। यह बात उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने मेडीकल कॉलेज की 9वीं सामान्य परिषद की बैठक में कही। मंगलवार को मेडीकल कालेज की 9वीं सामान्य परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय चिकित्सा सुविधा के विस्तार के लिए गए। 
 मेडीकल कॉलेज के सभाकक्ष में आयोजित परिषद की बैठक में महापौर डॉ. शोभा सिकरवार, विधायक मोहन सिंह राठौर, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त तरूण पिथोड़े, संभागायुक्त दीपक सिंह, डीन मेडीकल कॉलेज  अक्षय निगम, अधीक्षक जेएएच आरएस धाकड़ सहित चिकित्सकगण और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। 
बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि ग्वालियर में एक हजार बिस्तर अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलें, इसके लिये जिला अस्पताल मुरार, सिविल अस्पताल हजीरा के साथ ही डबरा एवं भितरवार के अस्पतालों का उन्नयन भी किया जाए, ताकि एक हजार बिस्तर अस्पताल में आने वाले मरीजों को और बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें मिल सकें। गजराराजा चिकित्सा समूह परिसर में सीवर समस्या के निदान हेतु शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने का निर्णय भी लिया गया। 
 उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा है कि अस्पतालों में रिक्त पड़े पदों की पूर्ति हेतु भी तत्परता से कार्रवाई की जाए। नर्स एवं वार्ड ब्वॉय के जितने भी पद हैं उन्हें शीघ्रता से भरा जाए, ताकि मरीजों की बेहतर देखभाल हो सके। आरक्षित वर्ग के जो पद भरे नहीं जा पा रहे हैं उनके स्थान पर कंसलटेंसी पर चिकित्सकों को रखकर कार्य किए जाने पर भी गंभीरता से विचार किया जाए। 
बैठक में श्री शुक्ला ने कहा कि अस्पतालों में बेहतर उपचार के लिए आवश्यक उपकरण एवं अन्य सुविधाओं के लिए सांसद निधि, विधायक निधि एवं सीएसआर मद पर राशि उपलब्ध हो सके, इसके भी सार्थक प्रयास किए जाएँ। संभागीय आयुक्त एवं जिला कलेक्टर इस संबंध में जनप्रतिनिधियों और उद्योगपतियों से चर्चा कर अस्पताल को उपकरणों की उपलब्धता के संबंध में प्रयास करें। उन्होंने बैठक में निर्देश दिए हैं कि अस्पतालों में दवाओं की कमी नहीं होना चाहिए। अस्पतालों को लगभग 80 प्रतिशत दवायें उपलब्ध हो रही हैं, जो दवाएँ उपलब्ध नहीं हो रही हैं उन्हें प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र से क्रय किया जाए। 
 उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि निजी चिकित्सालों की तरह शासकीय अस्पतालों में भी मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने हेतु पेशेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम को लागू करने पर गंभीरता से विचार किया जायेगा। इसके लागू होने से अस्पताल में आने वाले मरीजों को तत्परता से स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध होंगीं। इसके साथ ही सीएससी केन्द्रों के सुदृढ़ीकरण की दिशा में भी सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। 
बैठक में महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने कहा कि आयुष्मान कार्ड योजना के माध्यम से जरूरतमंदों को उपचार मिल रहा है। इस कार्ड का लाभ किन-किन अस्पतालों में उपलब्ध है, इसका भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए ताकि मरीज एवं उसके परिजनों को कोई परेशानी न हो। 
बैठक में विधायक मोहन सिंह राठौर ने कहा कि एक हजार बिस्तर एवं अन्य अस्पतालों में भी आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधायें मिलें। इसके लिये अस्पताल प्रबंधन मरीजों और उनके परिजनों को सही मार्गदर्शन देकर उसका तत्काल उपचार प्रारंभ कराएँ ताकि ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले मरीज एवं उसके परिजन परेशान न हो। इसके लिये एनजीओ की मदद भी ली जा सकती है। 
 बैठक के प्रारंभ में डीन मेडीकल कॉलेज अक्षय निगम ने अस्पताल प्रबंधन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी और कई प्रस्ताव रखें, जिन्हें स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही अधीक्षक जेएएच आरकेएस धाकड़ ने अस्पताल के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। अपने ग्वालियर प्रवास के दौरान  बैठक से पूर्व उप मुख्यमंत्री ने एक हजार बिस्तर अस्पताल, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और कमलाराजा अस्पताल का भी भ्रमण कर व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।