शिव भक्ति से दुखो से मुक्ति मिलती है : स्वामी रामप्रसाद

Feb 02 2024

ग्वालियर। भगवान शिव अपने भक्तो के सभी अनिष्टो का नाश करते है और जीवन सुखमय बनाते है। यह विचार श्रीरामद्वारा लक्ष्मीगंज में आयोजित द्वादश ज्योतिर्लिंग सत्संग के चतुर्थ दिवस पर अंतर्राष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के वरिष्ठ संत रामप्रसाद महाराज ने उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। 
संत श्री ने बताया की अभी कई लोग ऐसे है जो सिखाते है की शिव पूजन मत करो, शिवलिंग घर में मत रखो। ऐसा कहने वाले लोगो से दूर रहकर भक्ति में मन लगाना चाहिए। जब भी कोई भक्ति के मार्ग में आगे बढ़ता है तो विरोध करने वाले तो उत्पन्न हो जाते है। शिव कल्याण स्वरूप है उनकी भक्ति कभी नहीं छोडऩी चाहिए। जिन्होंने शिव भक्ति का विरोध किया उनका नाश हो गया और जिन्होंने शिव भक्ति की वो मालामाल हो गए।
द्वादश ज्योतिर्लिंग की कथा को आगे बढ़ाते हुए संत श्री ने महाकालेश्वर ज्योतिर्लिग की कथा श्रवण करवाते हुए कहा की मध्यप्रदेश की धरती धन्य है जहां  2 ज्योतिर्लिंग स्थापित है, महाकाल और ओमकारेश्वर, महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की कथा श्रवण करवाते हुए बताया की वेदप्रिय नामक ब्राह्मण शिव पूजन करता था जिसको रोकने के लिए दूषण नाम का राक्षस काल बन कर ब्राह्मण को मारने आया। पर ब्राह्मण को शिव पर विश्वास था। उसने कहा तू काल है पर मेरा भोले महाकाल है और पार्थिव लिंग बनाकर पूजन करता रहा उसी पार्थिव लिंग में से भगवान प्रगट हुए और दूषण राक्षस का नाश करके ब्राह्मण की रक्षा की। इसी प्रकार हम भी शिव भक्ति करनी चाहिए जिससे हमारी सभी अनिष्टो से रक्षा होती है। 
 कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा के पश्चात महेश यादव और रामशरण पाल की तरफ से प्रसाद वितरण किया गया एवं समस्त भक्तो ने व्यास पीठ की आरती की। सदगुरु परिवार समिति ने अधिक से अधिक लोगो को सत्संग का लाभ लेने का आग्रह किया है। कथा का समय प्रात: 8-30 से 9-30 तक है।