शराब के कारण हर साल उजड़ रहे है लाखों परिवार-हरिओम गौतम

Feb 01 2024

ग्वालियर। शराब की लत युवाओं में अमरबेल की तरह फैल रही है। शराब से हर साल लाखों परिवार बर्बाद हो रहे हैं अधिकतर आपराधिक घटनाएं एवं सडक़ दुर्घटनाएं शराब के नशे के कारण होती है। यह बात राष्ट्रीय शराबबंदी संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश के संयोजक हरिओम गौतम ने कही। श्री गौतम ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर दिल्ली स्थित जंतर मंतर पर राष्ट्रीय शराबबंदी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले आयोजित सत्याग्रह में सत्याग्रह में हिस्सा लिया।
श्री गौतम ने इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कई राज्यों में शराबबंदी होने के बावजूद भी अवैध रूप से आसपास के अन्य राज्यों से शराब तस्करी होती है। जब तक पूरे देश में एक साथ शराबबंदी का कानून लागू नहीं होगा तब तक इस समस्या का समाधान असंभव है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी किए बगैर बिना हम राम राज्य की कल्पना नहीं कर सकते। क्योंकि अधिकतर अपराधी घटनाएं एवं महिला उत्पीडऩ शराब के नशे के कारण होती हैं। यदि हमें अपने देश की युवा पीढ़ी को सुदृढ़ और समृद्ध बनाना चाहते है तो पूरे देश में शराबबंदी अति आवश्यक है। हमारी सरकार से मांग है कि युवाओं के भविष्य को देखते हुए तुरंत पूरे देश में शराबबंदी का कानून बनाया जाए। 
पूरे देश में शराबबंदी कानून बनाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय शराबबंदी संयुक्त मोर्चा ने दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर एकत्रित होकर सत्याग्रह किया जिसमें देश के विभिन्न राज्यों वह विभिन्न जिलों से मोर्चे के सैकड़ो पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
 सत्याग्रह में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय शराबबंदी संयुक्त मोर्चा के संरक्षक संतोषानंद महाराज एवं मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संयोजक सुल्तान सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे। 
इस अवसर पर राष्ट्रीय शराबबंदी संयुक्त मोर्चा के संरक्षक संतोषानंद महाराज ने कहा कि सरकार आर्थिक स्थिति का हवाला देकर शराबबंदी से दूर भाग रही है जबकि ऐसा नहीं है, कई राज्यों में शराबबंदी लागू होने के पश्चात भी वहां पर कोई आर्थिक नुकसान सरकारों को नहीं उठाना पड़ा है।  
 कार्यक्रम में श्रीमती कल्याणी सिंह, जेसी उत्प्रेती, गिर्राज सिंह धाकरे, दीपक मालवीय, प्रताप सिंह, मुनि चतुर्वेदी, वाजिद अली मंसूरी, इनालुम हसन, दानसिंह रावल, महंतराम तिवारी, विजयपाल सिंह फौजी,  देवेंद्र पाल वर्मा, रामदास माहौर, हरकंठ सिंह बघेल सहित भागीरथ प्रसाद ने भी अपने विचार व्यक्त किए। 
कार्यक्रम के अंत में मोर्चा द्वारा शराबबंदी की कानून बनाने को लेकर प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया।