ढोलीबुआ मठ में गूंजा शास्त्रीय संगीत

Jan 28 2024

ग्वालियर। राजयोगी महिपपतिनाथ ढोलीबुआ महाराज की 200वें पुण्यतिथि उत्सव के दौरान आयोजित शास्त्रीय संगीत सभा में खेरागढ़ सए आए डॉ हिमांशु विश्वरूप ने वायोलिन वादन की सुमधुर प्रस्तुति से संगीत के रसिक श्रोताओं का झंकृत कर दिया। डॉ हिमांशु ने राग मारू विहाग में विलंबित और द्रुतलय की रचनाओं को सिलसिलेवार प्रस्तुति दी। उनके वादन में उनके गुरू ग्वालियर घराने के वायोलिन वादक केशवराव सुरंगे के वादन की झलक नजर आई। डॉ हिमांशु के शोधछात्र योगेंद्र सिंह ठाकुर ने वादन में उनका सहयोग किया। डॉ विकास वापट ने तबला संगत की। इस दौरान बाल कलाकार वेदांत विपट ने भी तबला वादन किया। मीराबाई के प्रसिद्ध भजन पायो री मैंने राम रतन धन पायो की बहुत ही मधुर प्रस्तुति ने श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। अगली प्रस्तुति बड़ोदा से आए पं. श्रीराम महाराज गद्रे द्वारा शास्त्रीय गायन की दी गई। उन्होंने राग जोग एवं किरवाणी तथा भजन म्हारो प्रणाम बांकेबिहारी को प्रस्तुति किया। उनके गायन में स्वयं संत सच्चिदानंद ढोलीबुआ महाराज ने तबला संगत की।  हारमोनियम पर चंद्रकांत पुरन्दरे ने साथ निभाया। समापन महिपतिनाथ महाराज के दरबार में पारंपरिक ललित पद गायन कीर्तन से हुई। इस दौरान नाट्य प्रसंगों को अध्यात्मिक विषय के गूढ़ तत्व को सहजता से प्रस्तुत किया।