हर कार्यकर्ता पर अपने बेटों की तरह स्नेह लुटाती थीं राजमाता विजयाराजे सिंधिया:सांसद

Jan 25 2024

ग्वालियर। कै. श्रीमंत विजयाराजे सिंधिया का रिश्ता एक राजपरिवार से होते हुए भी वे अपनी ईमानदारी, सादगी और प्रतिबद्धता के कारण पार्टी में सर्वप्रिय बन गईं। और पार्टी में शक्ति स्तंभ थीं। जो कि हर कार्यकर्ता पर अपने बेटों की तरह स्नेह और प्यार लुटाती थीं। यह बात गुरूवार 25 जनवरी को कै. श्रीमंत विजयाराजे सिंधिया की पुण्यतिथि के अवसर पर थीम रोड स्थित छत्री में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुये सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने कही। 
गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी द्वारा कै. राजमाता श्रीमंत विजयाराजे सिंधिया की पुण्यतिथि पर 25 जनवरी को सुबह 10 बजे छत्री प्रांगण कटोराताल पर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। 
 इस अवसर पर सांसद शेजवलकर ने कहा कि विजयाराजे सिंधिया अपने पति जीवाजी राव सिंधिया की मृत्यु के बाद राजपरिवार की धरोहर को संभालने की उन पर बड़ी जिम्मेदारी थी। राजमाता के रूप में राजपथ को छोडक़र लोकपथ का रास्ता चुनना उनका एक बड़ा फैसला था। क्योंकि उस समय देश को आजाद हुये कुछ समय ही हुआ था।
लोकतंत्र के पोषकों के निशाने पर राजपरिवार होते थे। पहली बार पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से मिलने के बाद कांग्रेस के टिकट पर संसद सदस्य बनीं थीं। अपने सैद्धांतिक मूल्यों के दिशा निर्देश के कारण विजयाराजे सिंधिया कांग्रेस छोडक़र जनसंघ (भाजपा) में शामिल हो गईं। 
विजयाराजे सिंधिया का रिश्ता एक राजपरिवार से होते हुए भी वे अपनी ईमानदारी, सादगी और प्रतिबद्धता के कारण पार्टी में सर्वप्रिय बन गईं। और पार्टी में शक्ति स्तंभ थीं। जो कि हर कार्यकर्ता पर अपने बेटों की तरह स्नेह और प्यार लुटाती थीं। सर्व साधन संपन्न रहते हुए भी सादगीपूर्ण जीवन उनके व्यवहार में प्रमुखता लिए रहा। संगठन जन संघ हो अथवा भारतीय जनता पार्टी, उन्हें अमा साहब सर्वोपरि मानती रहीं।
इस मौके पर पूर्व मंत्री माया सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष अभय चौधरी, सहित भाजपा के पदाधिकारी एवं आधा सैकड़ा से अधिक भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।