तीन महीने से मायके में रह रही गर्भवती बहन का घर थानेदार ने भाई बनकर बचाया

Jan 24 2024

ग्वालियर। शायद ही कभी किसी ने सुना हो कि पुलिस थाने में गर्भवती महिला की गोदभराई की रस्म हुई हो। इसके बाद साड़ी, फल, उपहार देकर उसे उसके पति के साथ ससम्मान विदा किया गया हो। पर यह सच है और ऐसा ग्वालियर बेहट सर्कल स्थित उटीला थाना में हुआ है। यहां तीन महीने से पति से अलग रह रही एक सात माह की गर्भवती महिला का टूटता रिश्ता थाना प्रभारी शिवम राजावत ने उसका भाई बनकर बचाया है।
एसडीओपी बेहट संतोष पटेल, टीआई उटीला शिवम राजावत ने महिला की शिकायत को समझा। उसके पति को बुलाकर मनमुटाव दूर किया। दोनों को साथ रहने के लिए तैयार किया। थाना प्रभारी ने महिला को बहन मानकर सात महीने की गर्भवती होने पर थाना में ही उसकी गोद भराई की रस्म अदायगी करवाई। इसके बाद उपहार देकर उनको विदा किया। अपना ऐसा स्वागत व पुलिस का व्यवहार देखकर दंपति भी खुश नजर आए।
बेहट सर्कल के उटीला थाना स्थित काशीपुरा में 24 वर्षीय रानी ने कुछ दिन पहले शिकायत की थी कि उसका पति उसे परेशान करता है और विरोध करने पर मारपीट करता है। जिस पर उटीला थाना में मारपीट की एफआईआर भी की गई थी। पहली शिकायत के 20 दिन बाद महिला एसडीओपी बेहट संतोष पटेल के पास पहुंची और अपनी शिकायत पर कार्रवाई न होने की बात कही। एसडीओपी पटेल को महिला ने बताया कि 2 साल पहले उसकी शादी पनिहार के पार गांव निवासी नवल सिंह बंजारा से हुई थी। उसकी एक बेटी पहले से है। साथ ही वह गर्भवती भी है। उसका पति कपड़ों की फेरी लगाता है। वैसे तो व ग्वालियर शहर में गोल पहाडिय़ा इलाके में रहता है, लेकिन अभी भितरवार में फेरी लगाने के चलते कुछ महीनों से वहां रहने लगा है। तीन महीने पहले मुझे घर से निकाल दिया था। तभी से वह अपने मायके काशीपुरा में रह रही है। उसका पति उसे साथ नहीं ले जा रहा है। ऐसे वह कब तक अपने मायके में रहेगी।
इस पर एसडीओपी संतोष पटेल ने मामले को अपने हाथ में लेकर थाना प्रभारी उटीला से बात की। जिस पर उटीला थाना प्रभारी शिवम राजावत ने महिला को भरोसा दिलाया कि दो दिन में आपका ये भाई आपको ससुराल पहुंचाएग। वह खुद नहीं पहुंचाएगा बल्कि महिला का पति उसे लेने आएगा। इसके बाद पुलिस द्वारा दोनों पक्षों को थाने के सामने मंदिर पर बैठाकर समझाया गया। शक व संदेह को दूर करने का प्रयास किया गया। साथ एसडीओपी पटेल ने समझाया कि पति पत्नी के छोटे-छोटे विवाद वर्षों तक चलते हैं, जिससे आर्थिक व मानसिक रूप से नुकसान होता है व परिवार का सामाजिक विघटन भी होता है। इसके बाद महिला के मायके पक्ष से यह बात आई कि दामाद हमारी बेटी को साथ में रखे और जहां भी कपड़े का व्यवसाय करता है बेटी को भी वहीं अपने साथ रखे। जिस पर महिला का पति नवल तैयार हो गया।
इसके बाद थाना प्रभारी उटीला शिवम राजावत ने दोनों का मामला सुलझाकर रिश्ता टूटने से बचाया ही साथ ही जिस महिला को बहन कहा था उसका पूरा सम्मान भी किया। गर्भवती बहन को साड़ी, साल, फल, मिठाई देकर थाना परिसर में ही उसकी गोद भराई की रस्म पूरी की गई। जिससे दोनों काफी खुश नजर आ रहे थे।
गर्भवती बहन को साड़ी, साल, फल मिठाई देकर गोद भराई करने के बाद दोनों ने वरमाला डालकर फिर एक होकर दामपत्य जीवन जीने का संकल्प लिया। पुलिस ने दोनों को मोटर साइकिल पर बैठाकर सम्मान से विदा किया। इससे दोनों के परिवार और दंपति काफी खुश नजर आए।
इस मामले में उटीला थाना प्रभारी शिवम राजावत का कहना है कि महिला परेशान थी। मैंने अपना फर्ज निभाया है। दोनों की काउंसलिंग कर समझाया गया और बात बन गई। एक परिवार टूटने से बच गया।
इस मामले में एसडीओपी बेहट संतोष पटेल का कहना है कि महिला थाना में शिकायत लेकर आई थी। जिस पर हम लोगों ने उसके पति को बुलाकर बातचीत कराई। बातचीत से बड़े-बड़े विवाद सुलझ जाते हैं। ऐसा ही हुआ दोनों का रिश्ता टूटते-टूटते जुड़ गया।