आधार कार्ड से पांच साल बाद मुंबई में मिला लापता, बन गया बिल्डर

Jan 24 2024

ग्वालियर। ग्वालियर से पांच साल पहले लापता हुआ एक नाबालिग अब मुंबई में मिला है। उस तक पहुंचने के लिए पुलिस ने उसके आधार कार्ड का सहारा लिया है। पुलिस ने आधार कार्ड पर ली गई सिम की जांच की तो एक नया नंबर मुंबई में एक्टिव मिला। इस नंबर को सर्च कर पुलिस की टीम मुंबई अंधेरी वेस्ट पहुंची। यहां युवक बिल्डर के रूप में मिला। 
जब वह लापता हुआ था तो नाबालिग था, लेकिन अब 22 साल का हो चुका है। उसने कानपुर, नोएडा में होटल में काम किया है। आखिर में वह मुंबई पहुंचा और बिल्डर का काम करने लगा था। लापता ने ट्यूशन न जाने पर पिता द्वारा मारपीट करने पर घर से भाग जाने की बात बताई है। जब पुलिस उसे लेकर ग्वालियर पहुंची तो वह अपने परिजन को देखकर भावुक हो गया।
हजीरा थानाक्षेत्र स्थित गदाईपुरा निवासी आशु आयु 22 पुत्र महेंद्र सिंह राजपूत 20 सितंबर 2018 में लापता हो गया था। काफी तलाश करने के बाद आशु के पिता ने हजीरा थाना पहुंचकर सूचना दी। पुलिस ने भी उसकी छानबीन की। लापता होने के समय आशु की उम्र 17 साल थी। पुलिस के काफी प्रयास के बाद भी छात्र नहीं मिल रहा था। अभी ऑपरेशन मुस्कान के तहत पुलिस ने इस केस को फिर से जांच में लिया। पुलिस को परिजन से छात्र का पुराना आधार कार्ड मिला। इससे पुलिस ने नए सिरे जांच शुरू की।
पुलिस ने जब आधार कार्ड की जांच की तो पता चला कि आधार कार्ड पर  हाल ही में एक सिम कार्ड लिया गया था। वह सिम कार्ड मुंबई में एक्टिव मिला। इस नंबर को सर्च करते हुए पुलिस मुंबई अंधेरी वेस्ट पहुंची और आशु को तलाशकर ग्वालियर ले आई।
जब छात्र को तलाशते हुए ग्वालियर पुलिस की टीम मुंबई पहुंची और पुलिस टीम ने तकनीकी सहायता के आधार पर गायब हुए बालक को बरामद कर लिया, तब उससे भागने का कारण पूछा तो उसने बताया कि पिताजी ट्यूशन न जाने पर मारपीट करते थे। नाराज होकर वह घर से भागकर मुंबई आ गया था। यहां उसने कुछ दोस्त बनाए, जिन्होंने उसकी मदद की।
गुमशुदा बालक आपने माता-पिता को देखकर भावुक हो गया। पुलिस द्वारा गुमशुदा को माता पिता से मिला दिया और उनसे मिलकर गुमशुदा खुश हो गया।