सिर्फ राम नाम के जाप से सुधर जाएगा जीवन: रामस्वरूप शास्त्री

Jan 22 2024

 ग्वालियर। लोगों के ये कनफ्यूजन रहता है कि 18 पुराण 4 वेद और अगिनित ज्ञान की पुस्तकेें हैं ऐसे में किसकी मांगे, तो तुलसीदास के अनुसार सिर्फ रामनाम के जाप से जन्म सुधर जाता है। यह विचार पं रामस्वरूप शास्त्री ने ढोलीबुआ मठ मेें महिपतिनाथ ढोलीबुआ महाराज के 200वें पुण्यतिथि महोत्सव के तहत आयोजित भागवत कथा के अंतिम दिन सोमवार को व्यक्त किए। इस मौके पर सच्चिदानंद ढोली बुआ महाराज ने भागवत भगवान की आरती की। रामजी की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के उपलक्ष्य में कथा स्थल पर भी उत्सव मनाया गया और जयश्रीराम के नारों से पांडाल गूंज उठा।
पं रामस्वरूप शास्त्री ने कहा कि विद्यार्थियों को सदा सुदामा के संयम की रस्सी में बंधकर विद्याध्यन करन चाहिए। सुदामा यानि संयम, भगवान कृष्ण ने भी सुदामा के संग रहकर संयम अपनाया। जो विद्यार्थी संयम के साथ विद्या अध्यन करते हैं, वे जरूर अपने लक्ष्य तक पहुंचते हैं।  उन्होंने कहा कि सुदामा बहुत विद्व्रान थे,लेकिन ये अलग कथा है कि उन्होंने श्रीकृष्ण के हिस्सों के चने खाए। उसकी वजह से उन्हें दरिद्रता का सामना करना पड़ा। यदि हम भाई औैर मित्र के हिस्सा खाते हैं तो हमें दरिद्रता का अभिशाप मिलता है,लेकिन दरिद्र सुदामा जब द्वारिकाधीश कृष्ण से मिलने पहुंचे तो दो मु_ी चावल के बदले सुदामा को धनवान बना दिया। जिसका मित्र कृष्ण को वो गरीब कैसे हो सकता है। 
शास्त्री ने बताया कि कलयुग का जब पूर्ण प्रभाव होगा तो इंसान की आयु 30-32 साल हो जाएगी। गाय बकरी के समान दूध देगी। सगाई की जरूरत नहीं होगी। युवा खुद ही अपने जीवनसाथी चुन लेंगे, तब कल्कि भगवान का अवतार होगा। उन्होंने कहा कि निद्रा मेें हम मरकर फिर जीवित हो जाते हैं, लेकिन चिरनिद्रा में मरकर जीवित नहीं होते। मरते तो हम रोज ही हैं। शााम को जब बिस्तर पर जाकर निद्रा में जाते हैं तो वह मौत ही है। इसलिए सोते समय हमें प्रभु का स्मरण करते करते रहना चाहिए। 
आज होगी हरिकथा
पुण्यतिथि महोत्सव के अंतर्गत मंगलवार को सुबह सात बजे श्रंृगार और 10.30 बजे से ढोलीबुआ महाराज महपतिनाथ महाराज के समाधि चरित्र का वर्णन हरिकथा के माध्यम से करेंगे। दोपहर 12 बजे मठ परिसर में पालकी यात्रा निकाली जाएगी। दोपहर 1.30 बजे से ब्राह्मण भोज होगा। शाम 4 बजे से भंडारे का आयोजन किया जाएगा।