हेमू कालानी की शहादत ने युवाओं में देशप्रेम की भावना को मजबूती प्रदान की-अभय चौधरी

Jan 21 2024

ग्वालियर। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सिंध के सपूत हेमू कालानी का बहुत बड़ा योगदान था। उनकी शहादत ने युवाओं में आजादी के विचार व देशप्रेम की भावना को और अधिक मजबूती प्रदान की। कालानी की शहादत से आजादी की भावना को बल मिला। उनके बलिदान ने युवाओं में एक नए जोश का सूत्रपात किया। यह बात भाजपा जिलाध्यक्ष अभय चौधरी ने रविवार को अमर शहीद हेमू कालानी के बलिदान दिवस के अवसर पर कही। हेमू कालानी के बलिदान दिवस पर महाराज बाड़ा स्थित उनकी प्रतिमा स्थल पर भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने हेमू कालानी की प्रतिमा को माला पहनाकर व फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। 
उन्होंने कहा कि हेमू कालानी का बलिदान समस्त युवा वर्ग के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। उन्होंने बताया कि अंग्रेजों ने दिल्ली में भारी तबाही मचाने के लिए गोले, बारूद से भरी मालगाड़ी रवाना की, इसकी सूचना मिलते ही वीर हेमू कालाणी ने अपनी हिंद सेना के साथ ट्रेन को लाहौर में रोका। हेमू कालाणी जब मात्र 7 वर्ष के थे तब वह तिरंगा लेकर अंग्रेजों की बस्ती में अपने दोस्तों के साथ क्रांतिकारी गतिविधियों का नेतृत्व करते थे। 1942 में 19 वर्षीय किशोर क्रांतिकारी ने अंग्रेजो भारत छोड़ो नारे के साथ अपनी टोली के साथ सिंध प्रदेश में तहलका मचा दिया था। 1942 में क्रांतिकारी हौसले से भयभीत अंग्रेजी हुकूमत ने हेमू की उम्र कैद को फांसी की सजा में तब्दील कर दिया। फांसी पर झूलना ही बेहतर समझा और माँ की चरण वन्दना करते हुए कहा मेरा सपना पूरा हुआ, अब जननी भारत को आजाद होने से कोई नहीं रोक सकता। 21 जनवरी 1943 को इस किशोर क्रांतिकारी को फांसी दे दी गई।
इस अवसर पर धर्मेंद्र राणा, सुधीर गुप्ता, नवीन परांडे, धर्मेंद्र सिंह कुशवाह, महेंद्र सोलंकी, रमेश चन्द्र सेन, नवीन चौधरी, सुशील कुकरेजा, गोपाल मोटवानी, श्रीचंद पंजवानी, रूपेश रुपाणी, धनराज धर्रा, मोनू कुकरेजा आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।