सुरसा की तरह मुंह फैलाती बुराई दहेज को मिटाएं

Jan 19 2024

ग्वालियर। अयोध्या में राम-लला विराज रहे हैं। पूरा देश राम-मय हो रहा है। वहीं दूसरी ओर शादियों का माहौल भी खूब चल रहा है। और इसमें समाज में स्वीकृत दहेज रूपी बुराई भी सुरसा राक्षसनी की तरह और बड़ा मुंह फैला रही है। जिससे हमारी सीता जैसी बहनें और बेटियां सहम रहीं हैं। अब लोग दहेज के लिए 10-20 लाख नहीं वरन 50 लाख, 1 करोड़ और इससे भी अधिक के लिए बड़ा सा मुँह फैला रहे हैं। 
राम-लला की प्राण-प्रतिष्ठा से जागृत हुई जन जन की चेतना में क्यों न हम और आप सभी संकल्प लें, कि राम-भक्त हनुमान की तरह इस दहेज रूपी सुरसा के मुंह से खुद को निकाल लेंगे। ताकि हर बेटी को उसके सपनों का राजकुमार मिल सके। और इस तरह सच्ची राम-भक्ति का परिचय देते हुए, हम राम-राज के निर्माण में सहायक बनेंगे।
हालंकि अभी भी कई लोग हैं, जो दहेज लेने-देने के बिल्कुल खिलाफ हैं। लेकिन अभी मुझे एक चेहरा याद आ रहा है, इंजीनियर और समाजसेवी राम-मोहन त्रिपाठी व संध्या त्रिपाठी का। जिन्होंने अमेरिका में कार्यरत अपने सिविल इंजीनियर (चार्टर इन्जीनियर) बेटे की शादी बिना दान-दहेज के की। 
इसमें उन्होंने गाड़ी, सामान तो छोडि़ए दहेज का एक पैसा लेना भी स्वीकार नहीं किया। साथ ही शादी के कार्ड भी न छपवाते हुए सिर्फ डिजिटल कार्ड ही वाटसअप पर भेजे थे। और उसमें लिखा था कि शादी में कोई भी उपहार, गिफ्ट या लिफाफा न लाएं। यहां ये भी जिक्र करना ठीक रहेगा कि इंजीनियर राम-मोहन त्रिपाठी ने निराश्रितों को सहारा देने वाले स्वर्ग-सदन भवन व माधव अन्धाश्रम का जीर्णोद्धार सहित कई आंगन-बाडिय़ों के उत्थान में निर्माण भी स्वयं के पैसों से करवाया है।