महर्षिदयानंद सरस्वती की द्विजन्म शताब्दी मनाई

Jan 19 2024

ग्वालियर। महिला पतंजलि योग समिति आर्य समाज एवं गायत्री परिवार के संयुक्त तत्वावधान में मिसहिल स्कूल ग्वालियर में पंच कुंडीय वैदिक यज्ञ का आयोजन किया गया। यह आयोजन मकर संक्रांति पर्व व श्रीराम जन्मभूमि स्थापना एवं महर्षि दयानंद सरस्वती की द्विजन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में किया गया। इस महायज्ञ के अंतर्राष्ट्रीय वैदिक प्रवक्ता आचार्य आनंद पुरुषार्थी रहे।
आचार्य पुरुषार्थी ने यज्ञ के माध्यम से कहा कि संक्रांति प्रकाश का पर्व है। इस दिन से भगवान भास्कर कर्क रेखा से मकर रेखा की ओर एक राशि बदल कर दूसरी राशि में पहुंचते हैं और इस संक्राति काल को हमारी संस्कृति में ज्ञान के उद्भव का प्रतीक माना जाता है। इसी पर्व को हम मकर संक्रांति के रूप में मनाते हैं। अगर महाभारत काल में देखें तो भीष्म पितामह ने दक्षिणायन में घायल होने के बाद भी उत्तरायण तक अपने शरीर को मृत्यु के मुख से बचा कर रखा था अर्थात उत्तरायण हमारी उत्तम गति का परिचायक ज्ञान का पर्व है। 
कार्यक्रम में मुख्य रूप से एसपी सिंह, विजय गुप्ता, श्रीमती सुमन अग्रवाल, दिनेश शुक्ला, किरण बोहरा, जितेंद्र वर्मा, कमलेश गुप्ता, श्रीमती कुसुम गुप्ता, मंगल सिंह, श्रीमती उर्मिला परिहार, केएस परिहार, सत्य प्रकाश, किरण, दयाराम आदि लोग वैदिक यज्ञ में शामिल हुए।