कलम के धनी व विनम्रता की प्रतिमूर्ति थे हरीश उपाध्याय

Jan 15 2024

ग्वालियर। वरिष्ठ पत्रकार हरीश उपाध्याय के आकस्मिक निधन पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। शहर के पत्रकार, समाजसेवी एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। साथ ही उनका पुण्य स्मरण कर उनकी आत्मा की शांति व शोक संतृप्त परिवार को साहस और धैर्य प्रदान करने के लिए दो मिनट का मौन धारण कर ईश्वर से प्रार्थना की।
इस दौरान डॉ. सुरेश सम्राट ने कहा कि उनकी पत्रकारिता में लंबी व सफल पारी रही। पत्रकारिता का माहौल बदलने पर रचनात्मकता की गुंजाइश खोजी। साहित्य को बढ़ावा दिया। वरिष्ठ पत्रकार अनुराग त्रिवेदी ने कहा वे विनम्र स्वभाव की प्रतिमूर्ति थे। राकेश अचल ने उनके पत्रकारिता के मूल्यों का उल्लेख किया। आईकॉम के डायरेक्टर डॉ. केशव पाण्डेय ने पत्रकारिता जीवन की उनकी उपलब्धियों को याद कर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने पत्रकारिता को जीवन में आत्मसात किया और उसे जीकर दिखाया। अपनी कलम से राष्ट्रहित, समाज हित की पत्रकारिता की। सादगी, सरलता, और सहजता के साथ वे विनम्रता की साक्षात प्रतिमूर्ति थे। पत्रकारिता में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। प्रिंट से पत्रकारिता की शुरूआत करने वाले हरीश उपाध्याय वास्तविक रूप से कलम के धनी थे।
 पुष्पांजलि अर्पित करने वालों में विजय पाराशर, पीडी पाण्डेय, सुनील शर्मा, रामचरण रुचिर, सुनील भदौरिया, डॉ. वंदना प्रेमी, केसी राजपुरिया, आदेश सक्सेना, डॉ. आदित्य भदौरिया, विवेके सुढेले, जितेंद्र जादौन, प्रमोद पचौरी, भूपेंद्र प्रेमी, अनिल कांत, मनीष मौर्य, हरिओम गौतम, अरविंद जैमिनी, मनोज अग्रवाल, राजेंद्र मुदगल, आलोक द्विवेदी, गौरव शर्मा एवं मनीष शर्मा प्रमुख रूप से मौजूद थे।