अटल एक्सपो में आगरा के शिल्पी कन्हैयालाल लेकर आए अद्भुत शिल्पकला

Jan 12 2024

ग्वालियर। मेला के दस्तकारी हाट परिसर में आयोजित अटल हैंडलूम एक्सपो में टैराकोटा कला सैलानियों को लुभी रही है। आगरा के शिल्पी कन्हैयालाल टैराकोटा आर्ट लेकर ग्वालियर आए हैं। इनकी खूबसूरती देखते ही बनती है। टैराकोटा की खासियत यह है कि देखने में तो इसके उत्पाद बहुत रिच नजर आते हैं, लेकिन इनकी कीमत बहुत कम हैं। सबसे सस्ती 50 रुपए की चिडिय़ा के आकार की सीटी है, जो बच्चों को बहुत पसंद आ रही है और सबसे मंहगा झरना है, जो 4 हजार रुपए में आपके गार्डन की शोभा बन सकता है। इसके साथ 200 रुपए में विथ हैंडल तवा मिल रहा है,जो सेहत के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।
 यहां बता दें कि कच्ची मिट्टी को पकाकर बर्तन बनाने की कला तो पूरे देश में फेमस है, लेकिन खास तरह की मिट्टी को विभिन्न आकार देकर पकाया जाता है और फिर उसमें रंग भरे जाते हैं। पहाड़ी इलाकों में पाई जाने वाली इस मिट्टी में रेत के कड़ होते हैं, जिससे यह पकने के बाद बहुत मजबूत हो जाती है, यही वजह है कि झरने से लेकर गमले तक इसके बनते हैं और वे काफी मजबूत होते हैं।
इस कला की खासियत यह है कि यह लाल मिट्टी, चिकनी मिट्टी, लकड़ी का भूंसा आदि कई चीजों को मिलाकर तैयार की जाती है और अंदर से खोखली होती है। इससे यह हल्की होती है। इससे बड़ी-बड़ी मूर्तियां भी तैयार की जाती है। इसके लिए दो तरह की मिट्टी चिकनी और रेतिली को साथ में काम में लिया जाता है। इसके अलावा उसमें लकड़ी का भूंसा मिलाया जाता है।